ग्वालियर के सिंधिया राजघराने की लगभग 40 हजार करोड़ रुपये मूल्य की संपत्ति के विवाद में मंगलवार को जिला न्यायालय में महत्वपूर्ण सुनवाई होगी। इस सुनवाई में प्रस्तावित महासमझौते, उत्तराधिकार और ज्येष्ठाधिकार के कानूनी पहलुओं पर विचार किया जाएगा। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की बड़ी बुआ की पुत्री प्रतिमा देवी ने कैविएट दायर कर मामले में नया कानूनी पेच डाल दिया है। उन्होंने अपने वैधानिक अधिकार प्रभावित होने का दावा करते हुए अपना पक्ष सुने बिना कोई अंतिम आदेश पारित न करने की मांग की है। विवादित संपत्तियों में जयविलास पैलेस प्रमुख है।
ग्वालियर जिला न्यायालय में सिंधिया राजघराने की 40 हजार करोड़ रुपये की संपत्ति से जुड़े विवाद पर अहम सुनवाई हुई। यह सुनवाई दिवंगत पद्माराजे सिंधिया की बेटी प्रतिमा देवी द्वारा दायर कैविएट पर केंद्रित थी। कैविएट को निरस्त करने की मांग पर दोनों पक्षों की दलीलें सुनी गईं। लगभग 1000 पन्नों का रिकॉर्ड पेश होने के बाद, न्यायालय ने विस्तृत अध्ययन के लिए पर्याप्त समय की आवश्यकता बताते हुए अगली सुनवाई 10 अक्टूबर 2026 के लिए निर्धारित कर दी। प्रतिमा देवी ने आपसी समझौते से होने वाले निपटारे में अपनी शाखा के वैधानिक अधिकारों पर विचार करने की मांग की है।