सागर जिले की जूडो खिलाड़ी यामिनी मौर्य ने राष्ट्रमंडल खेल 2026 में महिलाओं के 57 किग्रा भार वर्ग में रजत पदक जीता है। उन्होंने फाइनल में इंग्लैंड की एसिल्या टॉपराक का सामना किया, जहां मैच गोल्डन स्कोर तक खिंचा। यामिनी ने आर्थिक तंगी और सीमित संसाधनों के बावजूद यह मुकाम हासिल किया है। वह दो बार सीनियर नेशनल चैंपियन रह चुकी हैं और उन्होंने 2022 राष्ट्रीय खेलों, 2025 हांगकांग एशियन ओपन और 2026 डकार अफ्रीका ओपन में स्वर्ण पदक जीते हैं। उनकी इस उपलब्धि पर पूरे मध्य प्रदेश में जश्न का माहौल है।
भारत की शर्मिला धनकड़ ने ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में महिलाओं की पैरा शॉटपुट F57 इवेंट में 9.81 मीटर का थ्रो कर गोल्ड मेडल जीता। दो साल की उम्र में पोलियो से पीड़ित रहीं शर्मिला ने जीवन में कई संघर्षों का सामना किया। 2012 में उनके पहले पति ने उन्हें और दो बेटियों को सड़क पर छोड़ दिया था। दूसरे पति अजीत सिंह ने उनके खेल करियर को आगे बढ़ाने में पूरा सहयोग दिया। शर्मिला अब इस पदक के बाद अपना घर खरीदने की उम्मीद कर रही हैं।
भारत ने FIH यूथ हॉकी5्स एशियन चैंपियनशिप 2026 में महत्वपूर्ण खेल सफलता हासिल की, जहाँ सब-जूनियर पुरुष टीम ने पाकिस्तान को 3-1 से हराकर गोल्ड मेडल जीता। महिला टीम ने सिल्वर मेडल प्राप्त किया, और दोनों टीमें पहले FIH यूथ हॉकी5्स वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफाई कर चुकी हैं। हॉकी इंडिया ने टीमों के लिए नकद पुरस्कारों की घोषणा की। कॉमनवेल्थ गेम्स की महिला जिम्नास्टिक में, प्रतिष्ठा सामंत ने वॉल्ट फाइनल में जगह बनाई। यू मुंबा टीटी ने बटरफ्लाई अल्टीमेट टेबल टेनिस सीजन-7 के फाइनल में लगातार दूसरी बार प्रवेश किया।
भारतीय एथलीट सोमवार को कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में पहली बार ट्रैक एंड फील्ड में उतरेंगे। मेंस हाई जंप फाइनल में तेजस्विन शंकर, सर्वेश कुशारे और जे. आदर्श राम पदक के लिए चुनौती पेश करेंगे। वेटलिफ्टिंग में ज्ञानेश्वरी यादव, बिंद्यारानी देवी और वी. अजया बाबू से तीन पदक की उम्मीद है, जो सीधे मेडल इवेंट में भाग लेंगे। इसके अतिरिक्त, भारतीय खिलाड़ी बॉक्सिंग, तैराकी, पैरा एथलेटिक्स, आर्टिस्टिक जिम्नास्टिक्स, लॉन बॉल्स और व्हीलचेयर बास्केटबॉल में भी प्रतिस्पर्धा करेंगे, जिसमें विभिन्न स्पर्धाओं में भारतीय एथलीटों का प्रदर्शन देखा जाएगा।
ऋषिकांत सिंह ने ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में कुल 264 किलो वजन उठाकर रजत पदक जीता। यह पदक उनके परिवार के 15-16 साल के अथक संघर्ष का परिणाम है। उनकी मां और बहनों ने खेतों में मजदूरी की, बड़े भाई अमरजीत सिंह ने दोस्तों से कर्ज लेकर डाइट व प्रतियोगिताओं का खर्च उठाया। पिता को ब्लड कैंसर होने के बावजूद परिवार ने ऋषिकांत की तैयारी प्रभावित न हो, इसके लिए इलाज के लिए उनसे पैसे नहीं लिए। ऋषिकांत ने अपनी बहनों की शादियां भी महत्वपूर्ण मुकाबलों के कारण छोड़ दीं। परिवार ने अपने सपनों का त्याग कर ऋषिकांत के खेल करियर को आगे बढ़ाया।
कॉमनवेल्थ गेम्स के पांचवें दिन भारतीय खिलाड़ी स्विमिंग, एथलेटिक्स, वेटलिफ्टिंग, बॉक्सिंग और पैरा स्विमिंग सहित पांच खेलों में चुनौती पेश करेंगे। टीम को वेटलिफ्टिंग से सबसे अधिक उम्मीदें हैं, जहां निरुपमा देवी सेरम महिला 63 किलोग्राम और हरजिंदर कौर महिला 69 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में गोल्ड के लिए उतरेंगी। दिनभर में कुल 27 गोल्ड मेडल इवेंट्स होंगे, जिनमें 10 स्विमिंग, 6 एथलेटिक्स, 5 आर्टिस्टिक जिम्नास्टिक्स, 3 वेटलिफ्टिंग और 3 लॉन बॉल्स में शामिल हैं। भारतीय खिलाड़ी विभिन्न स्पर्धाओं में पदक जीतने का प्रयास करेंगे।
भारत की शर्मिला धनखड़ ने कॉमनवेल्थ गेम्स में महिलाओं के पैरा शॉट पुट F57 इवेंट में 9.81 मीटर के सीजन बेस्ट थ्रो के साथ गोल्ड मेडल जीता, जो देश का दूसरा स्वर्ण है। शिल्पा के. शायला ने इसी इवेंट में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। भारत के मेडल टैली में कुल 10 मेडल हो गए हैं। सर्वेश कुशारे ने हाई जंप में सिल्वर, अजय बाबू ने वेटलिफ्टिंग में सिल्वर, बिंदियारानी देवी ने ब्रॉन्ज और ज्ञानेश्वरी यादव ने सिल्वर जीता। खिलाड़ियों ने अपने संघर्षपूर्ण सफर के बाद यह उपलब्धि हासिल की है।
इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन (आईओए) ने ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 से पहले भारतीय एथलीटों के लिए नया प्रोटोकॉल लागू किया है। इसके तहत खिलाड़ी एआई-जनरेटेड सामग्री पोस्ट नहीं कर सकेंगे, न ही टीम की आंतरिक रणनीति या निजी ब्रांड का प्रचार सार्वजनिक कर सकेंगे। इसका उद्देश्य खिलाड़ियों को प्रतियोगिता पर केंद्रित रखना और सोशल मीडिया विवादों से बचना है। ग्लासगो में कॉमनवेल्थ गेम्स गुरुवार से शुरू हो रहे हैं, जिसमें मीराबाई चानू और लवलीना बोरगोहाईं भारत की ध्वजवाहक होंगी। भारत के 126 खिलाड़ी 8 खेलों में हिस्सा लेंगे और नीरज चोपड़ा टीम का नेतृत्व करेंगे।
23वें कॉमनवेल्थ गेम्स 23 जुलाई से 2 अगस्त तक स्कॉटलैंड के ग्लासगो में आयोजित होंगे, जिसमें 74 देशों के 3,000 से अधिक खिलाड़ी 1,168 पदकों के लिए प्रतिस्पर्धा करेंगे। भारत के 125 एथलीट 8 खेलों में हिस्सा लेंगे। ओलिंपिक मेडलिस्ट लवलीना बोरगोहेन ने 75 किलो वेट वर्ग में बॉक्सिंग में मेडल पक्का कर लिया है, उन्हें क्वार्टरफाइनल में बाई मिला है। गेम्स का उद्घाटन समारोह 23 जुलाई को ओवीओ हाइड्रो एरीना में होगा, जिसमें मीराबाई चानू और लवलीना बोरगोहेन भारतीय ध्वजवाहक होंगी। यह आयोजन दूसरी बार ग्लासगो में हो रहा है।
ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत को 28 साल के सबसे कमजोर प्रदर्शन का खतरा है। एक आंतरिक रिपोर्ट में सिर्फ 31 पदक, जिनमें 6 स्वर्ण शामिल हैं, का अनुमान लगाया गया है। ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता नीरज चोपड़ा को भी गोल्ड का दावेदार नहीं माना गया है। शूटिंग और कुश्ती जैसे प्रमुख खेलों का बाहर होना, साथ ही कुछ शीर्ष एथलीटों का मौजूदा फॉर्म चिंता का विषय है। हालांकि ग्लासगो 2026 चुनौतीपूर्ण होगा, अहमदाबाद 2030 में खेलों की संख्या बढ़ने से भारत के लिए बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है। भारत ने 125 एथलीटों का दल घोषित किया है।