ग्वालियर में अमेरिकी नागरिकों से ठगी के मामले में चार आरोपियों को जेल भेजा गया है। पुलिस ने उनकी जांच में 29 बैंक खाते चिह्नित किए हैं, जिनका उपयोग ठगी की रकम के लेनदेन के लिए होता था। इन खातों से रोजाना 50 हजार रुपये से अधिक का अवैध लेनदेन पाया गया है। पुलिस ने जब्त सात मोबाइलों को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा है। यह कॉल सेंटर पिछले सप्ताह होटल जैनपथ में पकड़ा गया था, जहां आरोपी अमेरिकी नागरिकों को लोन का झांसा देकर ठगते थे।
शाजापुर में लालघाटी पुलिस ने काशीनगर स्थित एक ट्रेडिंग एडवाइजरी कॉल सेंटर पर छापा मारा, जहां से सात युवकों को पकड़ा गया। पुलिस को साइबर ठगी की आशंका है। सेंटर का संचालक प्रवीण गोयल मौके से फरार हो गया। पकड़े गए युवकों ने बताया कि वे ट्रेडिंग में रुचि रखने वाले लोगों के मोबाइल नंबर संचालक को देते थे। पुलिस ने युवकों के मोबाइल और अन्य रिकॉर्ड जब्त कर इस्तगासा दर्ज किया है। मामले की जांच साइबर सेल की टीम कर रही है।
ग्वालियर पुलिस ने अमेरिकी नागरिकों से ठगी करने वाले चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। ये आरोपी ग्वालियर-शिवपुरी हाईवे पर एक होटल में इंटरनेशनल कॉल सेंटर चला रहे थे। डार्क वेब से अमेरिकी सोलर कंपनी का डाटा खरीदकर ये खुद को ‘लैंडिंग क्लब’ का सदस्य बताकर लोन दिलाने का झांसा देते थे। पुलिस अब इस ठगी के सरगना प्रबल परिहार की तलाश कर रही है, जो अहमदाबाद, गुजरात में रहता है। विदेश मंत्रालय के माध्यम से एफबीआई को भी सूचना दी जाएगी ताकि ठगे गए अमेरिकी नागरिकों के बयान दर्ज किए जा सकें।