मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में सात मजदूरों को 16.96 कैरेट का जेम क्वालिटी हीरा मिला है, जिसकी अनुमानित कीमत 50 लाख रुपये से अधिक है। मजदूरों ने मंगलवार को यह हीरा कार्यालय में जमा करा दिया। पट्टाधारक अखिलेश पाल और उनके साझेदारों को यह हीरा सरकोहा गांव की खदान में चाल का जायजा लेते समय मिला था। नियमों के अनुसार, नीलामी के बाद रॉयल्टी काटकर शेष राशि साझेदारों में बांटी जाएगी, जिससे कुछ मजदूरों की शादी और बच्चों की शिक्षा जैसी आर्थिक जरूरतें पूरी होने की उम्मीद है।
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने अवैध खनन और परिवहन से जुड़ी याचिका पर सुनवाई करते हुए प्रभारी माइनिंग अधिकारी पंकज मिश्रा की भूमिका पर सवाल उठाए। कोर्ट ने कलेक्टर रुचिका चौहान से भी पूछताछ की, जिन्होंने पहले मिश्रा के खिलाफ जांच के आदेश दिए थे। हाईकोर्ट ने ईओडब्ल्यू और लोकायुक्त को पूर्व और वर्तमान माइनिंग अधिकारियों के खिलाफ जांच करने तथा दोषी पाए जाने पर एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए। कोर्ट ने कलेक्टर को 30 सितंबर तक सभी खदानों का पूरा रिकॉर्ड और अवैध परिवहन रोकने के उपायों का ब्यौरा पेश करने का निर्देश दिया।
रेत कारोबार से जुड़े सैंडी बरमैया को बरेला पुलिस ने भोपाल से गिरफ्तार किया है। वह व्यापारी शंकर गुरनानी पर कथित जानलेवा हमले के मामले में आरोपी है। उसके कथित सह-आरोपी कपिल साहू को भी पकड़ा गया है। पुलिस ने आरोपियों की तलाश में दिल्ली, उत्तराखंड, रायपुर और मंडला सहित कई स्थानों पर दबिश दी थी। गिरफ्तारी के बाद आरोपियों के लंबे समय तक फरार रहने और कथित संरक्षण पर सवाल उठ रहे हैं। सैंडी बरमैया के कथित रेत कारोबार और विभागीय निगरानी पर भी जांच की मांग की जा रही है।
मध्य प्रदेश के उमरिया जिले में बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व और अचानकमार टाइगर रिजर्व को जोड़ने वाले महत्वपूर्ण बाघ कॉरिडोर के पास तीसरे कोयला ब्लॉक, पिथोरा ईस्ट परियोजना, को खनन के लिए पर्यावरण मंत्रालय की एक्सपर्ट कमेटी ने स्वीकृति दे दी है। इस परियोजना का खनन पट्टा क्षेत्र एक हजार हेक्टेयर से अधिक है, जिसमें 800 हेक्टेयर से अधिक वन भूमि शामिल है। कमेटी ने इससे पहले मरवटोला-सात और अर्जुन वेस्ट कोल ब्लॉक को भी मंजूरी दी थी, जो कॉरिडोर से क्रमशः 53 मीटर और 3.9 मीटर की दूरी पर स्थित हैं।
मध्यप्रदेश हाई कोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने डबरा में अवैध खनन मामले में सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने सहायक खनिज अधिकारी घनश्याम यादव को निलंबित करने का आदेश दिया, उन पर अवैध खननकर्ताओं की सक्रिय मदद करने का आरोप लगाया। खंडपीठ ने स्थानीय प्रशासन और खनिज विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर टिप्पणियां कीं, यहां तक कि कलेक्टर ग्वालियर से उनकी अक्षमता पर जवाब मांगा। एसडीओ जूही गर्ग को नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी से मुक्त कर दिया गया है, और अब कलेक्टर को ही सभी हलफनामे दाखिल करने होंगे। कोर्ट ने खनन क्षेत्र की ड्रोन वीडियोग्राफी और शुक्रवार तक हलफनामा प्रस्तुत करने का भी निर्देश दिया है।
जबलपुर में रेत के अवैध परिवहन और विवादों के कारण उत्पन्न नए संकट के बीच, जिला प्रशासन ने हाल ही में हुई एक हत्या के बाद निगरानी कड़ी कर दी है। इससे 400 से अधिक हाइवा रेत जब्त की गई है, जो अब शहपुरा और पाटन में रखी है। इसकी सुरक्षा और बिक्री एक चुनौती बन गई है, क्योंकि चोरी की खबरें भी आ रही हैं। खनिज विभाग जब्त रेत को वैध ठेकेदारों को बेचने की कोशिश कर रहा है और इसके लिए मंडला के एक ठेकेदार से संपर्क किया गया है, हालांकि अभी तक उनकी प्रतिक्रिया नहीं मिली है। जिले में रेत ठेके भी कई बार असफल रहे हैं, जिससे अवैध उत्खनन बढ़ रहा है और ठेकेदार डर के मारे पीछे हट रहे हैं।
केंद्र सरकार ने पश्चिमी घाट के 56,825.7 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को पर्यावरण की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्र (ईएसए) घोषित करने के लिए एक नया मसौदा जारी किया है। इस प्रस्ताव के लागू होने पर पश्चिमी घाट के लगभग 3,000 गांवों में नए खनन कार्य, बड़े टाउनशिप का निर्माण, रेड कैटेगरी के उद्योगों की स्थापना और नए थर्मल पावर प्लांट लगाने पर रोक लग सकती है। यह मसौदा इन विशिष्ट गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाने का प्रावधान करता है।