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खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने ‘नकली’ खाद्य पदार्थ की परिभाषा स्पष्ट की: मानक से बाहर होना है

जबलपुर में खाद्य सुरक्षा अधिकारी अमित गुप्ता ने नईदुनिया विमर्श कार्यक्रम में ‘नकली’ खाद्य पदार्थ की सही परिभाषा समझाई। उन्होंने बताया कि हर खराब उत्पाद नकली नहीं होता, बल्कि वह निर्धारित गुणवत्ता मानकों से बाहर होता है। ऐसे उत्पादों को सब-स्टैंडर्ड, मिसब्रांडेड और अनसेफ जैसी श्रेणियों में वर्गीकृत किया जाता है। गुप्ता ने दूध उत्पादों, विशेषकर पनीर और खोवा में मिलावट की संभावनाओं, विभिन्न प्रकार की वसा के उपयोग और उपभोक्ताओं के लिए आवश्यक सावधानियों पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने उपभोक्ताओं को लेबल जांचने और शिकायत दर्ज कराने के लिए प्रोत्साहित किया।

खाद्य पदार्थ में मिलावट या गड़बड़ी पर करें शिकायत, उपभोक्ता फोरम से मिलेगा मुआवजा

उपभोक्ता होटल, रेस्टोरेंट और बाजारों में खाद्य पदार्थों में मिलावट या गड़बड़ी पाए जाने पर सीधे खाद्य एवं औषधि विभाग या इंदौर की कलेक्टर हेल्पलाइन 0731-181 और नगर निगम के इंदौर-311 ऐप जैसे चैनलों पर शिकायत कर सकते हैं। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) के नियमों के तहत ऐसी शिकायतें दर्ज की जा सकती हैं। शिकायत करने पर उपभोक्ता फोरम से मुआवजा भी प्राप्त किया जा सकता है। खाद्य निर्माण संस्थानों, विशेषकर स्कूल कैंटीन और मेस के लिए लाइसेंस, स्वच्छता और जंक फूड पर प्रतिबंध जैसे कड़े नियम लागू हैं, जिनका पालन अनिवार्य है।