मध्य प्रदेश सरकार ने किसानों के हित में दो महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। राज्य में 30 जुलाई से खाद वितरण को सुगम और भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के लिए ‘हाइब्रिड मोड’ लागू किया गया है। इस व्यवस्था के तहत विक्रेताओं को किसानों के आधार कार्ड, मोबाइल नंबर और खाद की मात्रा का विवरण रजिस्टर में दर्ज कर पोर्टल पर अपलोड करना होगा। साथ ही, ग्रीष्मकालीन मूंग और उड़द की खरीद के लिए स्लॉट बुकिंग की अंतिम तिथि 10 अगस्त और खरीद की अंतिम तिथि 20 अगस्त तक बढ़ा दी गई है। विपणन वर्ष 2026-27 की नीति में संशोधन कर मूंग का अधिकतम 60% और उड़द का 25% तक ही उपार्जन किया जाएगा।
मूंग खरीदी और ई-टोकन व्यवस्था सहित अन्य मांगों को लेकर मंगलवार को हजारों किसानों ने राजधानी भोपाल की ओर ‘किसान क्रांति रैली’ निकाली। नर्मदापुरम से भोपाल तक पुलिस द्वारा लगाए गए 15 बैरिकेड्स को तोड़ते हुए किसान आगे बढ़े, जिसके बाद कई स्थानों पर पुलिस से झड़प हुई। अंततः उन्हें बरकतउल्ला विश्वविद्यालय के पास और फिर वीर सावरकर ब्रिज से पहले रोका गया। कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना ने प्रतिनिधियों से चर्चा की, लेकिन किसान खाली हाथ लौटने को तैयार नहीं हुए। उच्च न्यायालय ने ई-टोकन प्रणाली को सही ठहराया, जबकि किसान इसके विरोध में हैं। कृषि मंत्री ने केंद्र से मूंग खरीदी का लक्ष्य बढ़ाने की मांग की है।
मध्य प्रदेश सरकार ने किसानों की मांग पर ग्रीष्मकालीन मूंग की खरीदी को लेकर बड़ा निर्णय लिया है। अब पात्र किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर 25 के स्थान पर 60 प्रतिशत मूंग खरीदी जाएगी। उपार्जन के लिए स्लॉट बुकिंग की अंतिम तिथि 30 जुलाई से बढ़ाकर 10 अगस्त और खरीदी की अंतिम तिथि 10 अगस्त से बढ़ाकर 20 अगस्त कर दी गई है। इसके अतिरिक्त, खाद वितरण की ई-टोकन व्यवस्था को फिलहाल स्थगित किया गया है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर कृषि उत्पादन आयुक्त की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति गठित की जाएगी, जो ई-टोकन प्रणाली की समीक्षा कर अपनी अनुशंसाएं देगी। तब तक पुरानी वितरण व्यवस्था जारी रहेगी।
किसानों के दो दिवसीय आंदोलन के बाद मध्य प्रदेश सरकार ने मूंग खरीदी का दायरा 25% से बढ़ाकर 60% कर दिया और खाद वितरण की ई-टोकन व्यवस्था तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दी। मुख्यमंत्री निवास से महज एक किलोमीटर दूर तक पहुंचे किसानों ने 22 बैरिकेड तोड़े थे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा गठित मंत्रियों की समिति ने किसान नेताओं से दो घंटे चर्चा की, जिसके बाद देर रात आंदोलन समाप्त हो गया। हालांकि, किसानों की 100% मूंग खरीदी की मूल मांग अभी पूरी नहीं हुई है।
मानसून सत्र के पहले दिन सदन में खाद-बीज की उपलब्धता और कम बारिश पर लंबी चर्चा हुई। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने आरोप लगाया कि किसानों को खाद नहीं मिल रही, बल्कि सिर्फ ओटीपी मिल रहा है, और उन्होंने पंचायत स्तर पर वितरण तथा संयुक्त समिति बनाने का सुझाव दिया। कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना ने इन आरोपों को तथ्यहीन बताते हुए प्रदेश में खाद-बीज की कोई कमी न होने का दावा किया। सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग ने 5.48 लाख मीट्रिक टन यूरिया उपलब्ध होने की पुष्टि की और खाद वितरण को पारदर्शी बनाने के लिए ई-विकास पोर्टल लागू करने की जानकारी दी।