उज्जैन की बैडमिंटन खिलाड़ियों विधि शर्मा और उत्कर्षा पाल ने नेपाल में आयोजित इंडो-नेपाल इंटरनेशनल बैडमिंटन डबल्स टूर्नामेंट में स्वर्ण पदक जीता है। सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय का प्रतिनिधित्व करते हुए, उन्होंने फाइनल मुकाबले में चीन की टीम को पराजित किया। 7 से 11 अगस्त तक चले इस टूर्नामेंट में 25 देशों की टीमों ने भाग लिया था। विधि और उत्कर्षा ने क्वार्टर फाइनल में इंडोनेशिया और सेमीफाइनल में मलेशिया को भी हराया था। उनका चयन खेलो इंडिया के तहत हुआ था और 15 अगस्त को उज्जैन पहुंचने पर उनका भव्य स्वागत किया जाएगा।
फुटबॉल का सालाना बाजार 100 बिलियन डॉलर (लगभग 9.6 लाख करोड़ रुपए) से अधिक हो गया है, जो 95 देशों की जीडीपी से ज्यादा है। फीफा, क्लब, ब्रॉडकास्टर्स और कॉर्पोरेट घराने मिलकर इस विशाल वित्तीय इकोसिस्टम का निर्माण करते हैं। आय के प्रमुख स्रोतों में विश्व कप और चैंपियंस लीग के बड़े प्राइज पूल, प्रसारण अधिकार, खिलाड़ियों की ट्रांसफर फीस और साइनिंग-ऑन बोनस शामिल हैं। जर्सी स्पॉन्सरशिप, स्टेडियम के नामकरण अधिकार और सोशल मीडिया एंगेजमेंट से भी भारी कमाई होती है।
ऋषिकांत सिंह ने ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में कुल 264 किलो वजन उठाकर रजत पदक जीता। यह पदक उनके परिवार के 15-16 साल के अथक संघर्ष का परिणाम है। उनकी मां और बहनों ने खेतों में मजदूरी की, बड़े भाई अमरजीत सिंह ने दोस्तों से कर्ज लेकर डाइट व प्रतियोगिताओं का खर्च उठाया। पिता को ब्लड कैंसर होने के बावजूद परिवार ने ऋषिकांत की तैयारी प्रभावित न हो, इसके लिए इलाज के लिए उनसे पैसे नहीं लिए। ऋषिकांत ने अपनी बहनों की शादियां भी महत्वपूर्ण मुकाबलों के कारण छोड़ दीं। परिवार ने अपने सपनों का त्याग कर ऋषिकांत के खेल करियर को आगे बढ़ाया।
कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए बेलफास्ट से ग्लासगो पहुंची भारतीय बॉक्सिंग टीम को सामान छूटने की समस्या का सामना करना पड़ा। टीम का आधा सामान, जिसमें बॉक्सिंग गियर, किट और ओपनिंग सेरेमनी की ड्रेस शामिल है, बेलफास्ट में ही रह गया। वर्ल्ड चैंपियन जैस्मीन लंबोरिया सहित पांच मुक्केबाजों और मेंस टीम के हेड कोच सी. कुटप्पा का सामान गायब है। विमान छोटा होने के कारण यह समस्या आई। टीम को महिला कोच के ठहरने की व्यवस्था में भी दिक्कत हो रही है, जिससे तैयारियों पर असर पड़ रहा है। गेम्स 23 जुलाई से शुरू होंगे, जबकि बॉक्सिंग मुकाबले 24 जुलाई से।