पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी जैश-ए-मोहम्मद के निशाने पर थे। जांच में खुलासा हुआ कि मुख्यमंत्री के चिनार पार्क स्थित आवास के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के कारण जैश-ए-मोहम्मद के संदिग्ध सहयोगी हमीम मंडल रेकी के दौरान तस्वीरें और वीडियो नहीं बना सका। पश्चिम बंगाल पुलिस के एसटीएफ ने मंडल को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि पाकिस्तान स्थित उसके प्रबंधकों ने उसे सीसीटीवी फुटेज में न आने के निर्देश दिए थे। मंडल और उसके दो साथी हिरासत में हैं। वह शहजाद भट्टी नेटवर्क से भी जुड़ा था, जिसने अर्पिता सरकार के माध्यम से प्रभावशाली व्यक्तियों को हनी-ट्रैप में फंसाया।