संयुक्त राष्ट्र (यूएन) की एक नई रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2025 तक भारत की लगभग 49.5 करोड़ आबादी पौष्टिक भोजन खरीदने में असमर्थ होगी, जो कुल जनसंख्या का 35.5% है। वर्तमान में देश के करीब 50 करोड़ लोग प्रतिदिन पौष्टिक आहार नहीं खरीद पाते हैं। हालांकि, सरकारी योजनाओं और आय में वृद्धि के कारण स्थिति में सुधार हुआ है। वर्ष 2017 में 81 करोड़ लोग पौष्टिक भोजन से वंचित थे, जबकि पिछले आठ वर्षों में 32 करोड़ लोग इस दायरे से बाहर निकले हैं। बड़ी आबादी के कारण भारत अभी भी उन देशों में शामिल है जहां सबसे अधिक लोग पौष्टिक भोजन नहीं खरीद पाते।