केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय की पहल पर इंसान और हाथियों के बीच बढ़ते संघर्ष को कम करने के लिए एक राज्यवार मास्टर प्लान तैयार किया गया है। भारतीय वन्यजीव संस्थान, देहरादून द्वारा दो साल के अध्ययन के बाद तैयार की गई यह रिपोर्ट 20-25 वर्षों के आंकड़ों पर आधारित है। इसका मुख्य लक्ष्य प्रतिवर्ष होने वाली लगभग 600 मानवीय और 120 हाथी मौतों को लगभग शून्य तक लाना है। झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल को सर्वाधिक संवेदनशील राज्य चिह्नित किया गया है, जहाँ 100 हॉटस्पॉट हैं। यह योजना टकराव के बाद मुआवजा देने के बजाय पहले से रोकथाम पर केंद्रित है।