ओंकारेश्वर में नर्मदा घाटों पर श्रद्धालुओं से चोरी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का मांधाता पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के 10 सदस्यों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 45 हजार रुपये नकद, दो सोने के ब्रेसलेट और दो कीपैड मोबाइल सहित कुल 1.02 लाख रुपये का चोरी का सामान बरामद किया। यह गिरोह त्योहारों और धार्मिक आयोजनों के दौरान भीड़ का फायदा उठाकर चोरी की वारदातों को अंजाम देता था और लंबे समय से पुलिस को इसकी तलाश थी।
देवास पुलिस ने सार्वजनिक आयोजनों में सक्रिय एक अंतर्राज्यीय मोबाइल चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के पांच आरोपियों और एक विधि-विरुद्ध बालक को उज्जैन के रामघाट से गिरफ्तार किया। उनके कब्जे से लगभग 1.15 लाख रुपये के पांच मोबाइल फोन और 15 हजार रुपये नकद बरामद किए गए। यह गिरोह भीड़ का फायदा उठाकर मोबाइल और नकदी चोरी करता था। पुलिस अब अन्य जिलों और राज्यों में की गई वारदातों के संबंध में पूछताछ कर रही है और गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है।
उज्जैन में महाकाल थाना पुलिस ने श्रावण मास में महाकाल सवारी के दौरान चोरी की योजना बना रहे तीन अंतरराज्यीय गिरोहों के 19 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें राजस्थान के भरतपुर की छह महिलाएं भी शामिल हैं। पुलिस ने मंगलवार को तीन अलग-अलग स्थानों पर दबिश देकर यह कार्रवाई की। आरोपियों के कब्जे से चाकू, धारदार बक्का, लोहे के पाइप, सरिए, पेचकस, लाठी और चाबियों के गुच्छे बरामद किए गए हैं। पूछताछ में एक गिरोह के सदस्यों ने महाकाल सवारी के दौरान श्रद्धालुओं के मोबाइल, पर्स और चेन चोरी करने की वारदातें स्वीकार की हैं।
इंदौर में मानव तस्करी एवं फर्जी विवाह कराने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया गया है, जिसमें मुख्य षड्यंत्रकर्ता सहित चार आरोपितों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है। नाबालिग युवती के अपहरण की जांच के दौरान यह गिरोह सामने आया। आरोपितों ने पीड़िता की आर्थिक स्थिति का लाभ उठाकर उसे लाखों रुपये कमाने का लालच दिया और लगभग तीन लाख रुपये का लेन-देन किया। नाबालिग के आधार कार्ड में जन्मतिथि बदलकर उसे बालिग दिखाया गया और झूठी जानकारी देकर उसका विवाह कराया गया। प्रारंभिक जांच में गिरोह द्वारा अन्य नाबालिगों की भी फर्जी शादियां कराने की आशंका है, जिससे जांच का दायरा बढ़ा दिया गया है।
सागर की खुरई शहर पुलिस ने एक अंतरजिला ट्रैक्टर चोर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से 21 लाख 20 हजार रुपये मूल्य के चार चोरी के ट्रैक्टर और दो मोबाइल फोन जब्त किए। 25 जुलाई 2026 को दर्ज शिकायत के बाद जांच शुरू हुई। सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर भोपाल निवासी अंकुष उइके और संतोष उइके को हिरासत में लिया गया। उन्होंने अपने साथी अनुराग उर्फ अन्नू मालवीय के साथ मिलकर चोरी करना स्वीकार किया और शिवपुरी निवासी मोहर सिंह गुर्जर को ट्रैक्टर बेचना बताया। आरोपियों ने रायसेन और विदिशा से भी ट्रैक्टर चोरी की बात कबूल की।
मध्य प्रदेश में ‘चड्डी-बनियान गिरोह’ की सक्रियता फिर से बढ़ गई है। हाल ही में भोपाल के आईपीएस स्कूल से गिरोह ने 3.92 लाख रुपये की फीस चोरी की, जबकि परिसर में चार नाइट गार्ड मौजूद थे। इससे पहले कटनी में भी स्वर्ण व्यवसायी की दुकान में डकैती का प्रयास किया गया था। यह गिरोह भारत का एक कुख्यात और संगठित आपराधिक समूह है, जो वारदात के समय चड्डी-बनियान पहनकर शरीर पर तेल लगा लेता है। ये 5 से 15 के समूह में हथियारबंद होकर रेकी के बाद आधी रात में सूने मकानों और दुकानों को निशाना बनाते हैं। यह गिरोह महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और हरियाणा सहित कई राज्यों में सक्रिय रहा है।