जहरीले कफ सिरप से हुई बच्चों की मौतों के बाद केंद्र सरकार ने दवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए एक बड़ा अभियान चलाया है। दिसंबर 2022 से अब तक 1,040 से अधिक दवा निर्माण इकाइयों की जोखिम-आधारित जांच की गई, जिसमें 950 से अधिक इकाइयों के खिलाफ कार्रवाई की गई। इन कार्रवाइयों में उत्पादन बंद कराना, लाइसेंस निलंबित करना और कारण बताओ नोटिस जारी करना शामिल है। जांचे गए नमूनों में 14,702 दवाएं गुणवत्ता मानकों पर खरी नहीं उतरीं, जबकि 1,613 नमूने नकली या मिलावटी पाए गए, जिसके बाद संबंधित कंपनियों पर नियमानुसार कार्रवाई हुई।