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केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय ध्वज नियमों के पालन का दिया निर्देश

केंद्र सरकार ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को राष्ट्रीय ध्वज से जुड़े नियमों का पालन करने का निर्देश दिया है। गृह मंत्रालय ने मुख्य सचिवों को भेजे संदेश में नियमों की जानकारी की कमी पर चिंता जताई और व्यापक जागरूकता अभियान चलाने को कहा। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि कागज के तिरंगे को कार्यक्रम के बाद जमीन पर नहीं फेंकना चाहिए और फटा या क्षतिग्रस्त तिरंगा प्रदर्शित नहीं करना चाहिए। फ्लैग कोड में संशोधन के बाद अब दिन-रात तिरंगा फहराया जा सकता है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ‘हर घर तिरंगा’ अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की है, जो देश की सामूहिक शक्ति का प्रतीक है।

दीप्ति गौड़ मुखर्जी उच्च शिक्षा सचिव नियुक्त, पल्लवी जैन गोविल को कॉर्पोरेट मामलों का सचिव बनाया गया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार ने मध्य प्रदेश संवर्ग की 1993 बैच की आईएएस अधिकारी दीप्ति गौड़ मुखर्जी को उच्च शिक्षा सचिव नियुक्त किया है। वह पहले कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय में सचिव थीं। मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति ने 23 जुलाई के आदेश में संशोधन कर उनकी नियुक्ति को मंजूरी दी, जिसका आदेश 10 अगस्त को जारी हुआ। उनकी नियुक्ति विनीत जोशी के स्थान पर हुई है। इसके अतिरिक्त, मध्य प्रदेश संवर्ग की 1994 बैच की आईएएस अधिकारी पल्लवी जैन गोविल को कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय का सचिव बनाया गया है। 1992 बैच के आईएएस अधिकारी वीएल कांताराव को गृह मंत्रालय के राजभाषा विभाग में ओएसडी नियुक्त किया गया है।

गृह मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में पुडुचेरी पुलिस को ‘प्रेसिडेंट्स पुलिस कलर’ से सम्मानित किया गया

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह दो दिवसीय दौरे पर पुडुचेरी पहुंचे, जहां उन्होंने पुडुचेरी पुलिस को ‘प्रेसिडेंट्स पुलिस कलर’ सौंपने के समारोह में भाग लिया। परेड ग्राउंड में उन्हें सलामी दी गई और उनकी अनुमति से कार्यक्रम की शुरुआत हुई। इस अवसर पर गृह मंत्री अमित शाह ने पुडुचेरी को मिले ‘प्रेसिडेंट्स कलर’ के महान सम्मान के लिए सभी को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने यह भी कहा कि ‘हमारा पुडुचेरी आध्यात्मिक का एक जीवंत प्रतीक है…’

देश वामपंथ उग्रवाद से मुक्त घोषित; 9 राज्यों के 38 जिले ‘विरासत एवं प्रबल’ श्रेणी में

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने वामपंथ उग्रवाद (एलडब्ल्यूई) की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की है, जिसके परिणामस्वरूप देश को इस समस्या से मुक्त घोषित किया गया है। अब नौ राज्यों के 38 जिलों को ‘विरासत एवं प्रबल’ श्रेणी में रखा गया है, जहाँ सुरक्षा उपायों के साथ विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। गृह मंत्रालय की ‘राष्ट्रीय नीति एवं कार्य योजना 2015’ के क्रियान्वयन और मार्च/अप्रैल में की गई व्यापक समीक्षा के बाद यह निष्कर्ष निकला है कि अब कोई भी जिला वामपंथ उग्रवाद से प्रभावित नहीं है।

सीमावर्ती क्षेत्रों में सौर, पवन और हाइब्रिड परियोजनाओं के लिए गृह मंत्रालय की मंजूरी अनिवार्य

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राष्ट्रीय सुरक्षा के मद्देनजर सीमावर्ती क्षेत्रों में सौर, पवन और हाइब्रिड परियोजनाओं के लिए अपनी मंजूरी अनिवार्य कर दी है। इन परियोजनाओं में काम करने वाले पाकिस्तान, चीन और बांग्लादेश के कर्मियों के लिए केंद्र सरकार की स्वीकृति आवश्यक होगी। मंत्रालय ने साइट पर निगरानी के लिए पुलिस चौकी स्थापित करने, विदेशी नागरिकों पर नजर रखने और स्टाफ के सत्यापन को अनिवार्य किया है। आवास और कैफेटेरिया जैसी सुविधाओं के लिए भी सख्त नियम जारी किए गए हैं।

ऑपरेशन सिंदूर के बाद मध्य प्रदेश से 30 बांग्लादेशी वापस भेजे गए

मध्य प्रदेश में केंद्रीय गृह मंत्रालय के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ निर्देश के बाद से बांग्लादेशियों को चिह्नित कर वापस भेजने का अभियान जारी है। अब तक 30 बांग्लादेशियों को वापस भेजा गया है, जिनके पास कोई वैध भारतीय दस्तावेज नहीं थे। पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने अभियान की निरंतर समीक्षा और गहन पड़ताल पर जोर दिया है। ग्वालियर में 13 संदिग्धों के पकड़े जाने और सीहोर में एक बांग्लादेशी को 27 साल से अवैध रूप से रहने पर सात साल की सजा मिलने के बाद यह मामला फिर चर्चा में है। पुलिस ने सत्यापन के लिए विशेष पोर्टल भी बनाया है, जिससे जानकारी जुटाना आसान हुआ है।

देश की जेलों में क्षमता से 112.7 प्रतिशत अधिक कैदी

भारत की जेलों में क्षमता से अधिक कैदियों का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में है। सरकार ने संसद के मानसून सत्र 2024 के दौरान बताया कि देश की जेलों में क्षमता से 112.7 प्रतिशत अधिक कैदी हैं, जबकि दिल्ली में यह आंकड़ा 194.6 प्रतिशत है। गृह राज्यमंत्री बंडी संजय कुमार ने राज्यसभा में नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो के नवीनतम आंकड़े प्रस्तुत किए। इन आंकड़ों के अनुसार, देश की कुल 609 जेलों में स्वीकृत क्षमता 4,53,769 कैदियों की थी, लेकिन 31 दिसंबर, 2024 तक 5,11,542 कैदी दर्ज किए गए थे।

मध्य प्रदेश में बाल अपहरण के मामलों में पांच साल में 64% की वृद्धि, देश में दूसरा सर्वाधिक आंकड़ा

मध्य प्रदेश में बाल अपहरण के मामलों में पिछले पांच वर्षों में 64% की वृद्धि दर्ज की गई है। केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा लोकसभा में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2024 में प्रदेश में 11,594 बाल अपहरण के मामले दर्ज हुए, जो महाराष्ट्र (12,950) के बाद देश में दूसरा सर्वाधिक आंकड़ा है। देशभर में दर्ज कुल 75,108 मामलों में मध्य प्रदेश की हिस्सेदारी 15 प्रतिशत से अधिक है। हालांकि, वर्ष 2024 में 11,652 बच्चों को जीवित बरामद किया गया, जिसमें पिछले वर्षों के मामले भी शामिल हैं, जो तलाश और बचाव तंत्र में सुधार का संकेत देता है।

ऑपरेशन त्रिशूल: सात वर्षों में 36 देशों से 274 भगोड़े अपराधी भारत लाए गए

केंद्र सरकार ने ऑपरेशन त्रिशूल के तहत पिछले सात वर्षों में 36 देशों से 274 भगोड़े अपराधियों को भारत वापस लाने में सफलता हासिल की है। ये अपराधी विदेशों में अपनी पहचान बदलकर छिपे हुए थे, जिन्हें जांच एजेंसियों ने सैटेलाइट इनपुट और डिजिटल मैपिंग की मदद से ट्रैक किया। जनवरी 2026 में आईबी के मल्टी एजेंसी सेंटर के तहत एक समर्पित समूह बनाया गया, जो मामलों को प्राथमिकता देने और अंतरराष्ट्रीय समन्वय को गति देने का काम कर रहा है। तहव्वुर हुसैन राणा का अमेरिका से प्रत्यर्पण इस दिशा में भारत के प्रयासों का एक प्रमुख उदाहरण है।

इंदौर में 7 अगस्त से डीजीपी की दो दिवसीय उच्च स्तरीय बैठक, ड्रग्स नेटवर्क पर बनेगी रणनीति

इंदौर में 7 अगस्त से दो दिवसीय उच्च स्तरीय बैठक का आयोजन होगा, जिसमें मध्यप्रदेश सहित राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात, छत्तीसगढ़, गोवा और विभिन्न केंद्र शासित प्रदेशों के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) शामिल होंगे। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य देशभर में नशे के खिलाफ अभियान को प्रभावी बनाना और अंतरराज्यीय ड्रग्स नेटवर्क पर लगाम कसने के लिए संयुक्त कार्रवाई की रणनीति तैयार करना है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के निर्देशों के बाद यह बैठक विशेष महत्व रखती है। इसमें ड्रग्स तस्करी के बदलते तौर-तरीकों, खुफिया सूचनाओं के आदान-प्रदान और बड़े तस्करों के खिलाफ संयुक्त अभियान जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी।