कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से जवाब की मांग की। उन्होंने कहा कि विपक्ष संसद में अपना रुख बनाए रखेगा और विरोध जारी रखेगा। पत्रकारों से बात करते हुए खरगे ने कहा कि वे वही करते रहेंगे जो अब तक करते आ रहे हैं। विपक्षी नेताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया और ‘अमित शाह जवाब दो’ के नारे लगाए, जिसमें राष्ट्रीय राजधानी और अन्य राज्यों में छात्रों पर पुलिस बल प्रयोग का मुद्दा उठाया गया।
विपक्षी दलों के सांसदों ने आज सुबह संसद के मकर द्वार पर विरोध प्रदर्शन किया, जिसमें उन्होंने दिल्ली में छात्र प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की कथित ज्यादती और राम मंदिर चढ़ावा मुद्दे पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से जवाब मांगा। मानसून सत्र में सरकार और विपक्ष के बीच टकराव जारी है। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि जब अमित शाह जवाब देने को तैयार हैं, तो उन्हें संसद से भागना नहीं चाहिए। राहुल गांधी ने सोमवार को अमित शाह से पुलिस कार्रवाई की अनुमति देने वाले का नाम बताने की मांग की थी।
मानसून सत्र में पहले दिन से जारी गतिरोध को समाप्त करने के लिए सरकार छात्र आंदोलन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई और राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर चर्चा को तैयार है। सरकार ने विपक्ष द्वारा गतिरोध तोड़ने की शर्त पर गृह मंत्री अमित शाह के जवाब देने का प्रस्ताव दिया है। विपक्ष को आशंका है कि सरकार चर्चा के बाद परिसीमन विधेयक पेश कर सकती है। इस बीच, सरकार एफसीआरए विधेयक को संयुक्त संसदीय समिति को भेजने की तैयारी में है, जिसका उद्देश्य विदेशी अंशदान की निगरानी करना है। विपक्षी दल इसे अल्पसंख्यकों को निशाना बनाने वाला बताते हैं, जबकि सरकार ने धार्मिक भेदभाव के आरोपों को खारिज किया है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को घोषणा की कि वह कल दोपहर तीन बजे तक विपक्ष द्वारा उठाए गए सभी सवालों का जवाब देंगे। विपक्ष दिल्ली में पुलिस की कथित ज्यादती और अन्य मुद्दों पर उनसे जवाब मांग रहा है। शाह ने कहा कि सरकार नीट परीक्षाओं के विरोध सहित किसी भी मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है और उसके पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है। उन्होंने विपक्ष से संसद की कार्यवाही चलने देने का आग्रह किया। लोकसभा अध्यक्ष को लिखे पत्र में उन्होंने नीट परीक्षा पर चर्चा के लिए सहमति जताई।
कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने संसद में मीडिया के सवालों पर नाराजगी जताई, नीट पेपर लीक के प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधा। उन्होंने युवाओं के साथ होने वाले व्यवहार पर सरकार से जवाब मांगे और लाठीचार्ज व पैलेट गन के इस्तेमाल की आलोचना की। गांधी ने कहा कि विपक्ष चुप नहीं रहेगा और गृह मंत्री से संसद में जवाब देने व माफी मांगने की मांग की। इस मुद्दे पर मानसून सत्र बाधित रहा है, और अब सरकार बहस के लिए तैयार है।
दिल्ली में राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे और प्रियंका गांधी वाड्रा सहित विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर में विरोध मार्च निकाला। यह प्रदर्शन 20 जुलाई को सीजेपी प्रदर्शनकारियों के खिलाफ ‘पुलिस कार्रवाई’ को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के विरोध में किया गया। सांसदों ने गांधी प्रतिमा से मकर द्वार तक मार्च किया। कांग्रेस सांसदों ने गृह मंत्री से संसद में घटना पर बयान देने और जवाबदेही तय करने की मांग की। शिव सेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने गृह मंत्री की सदन में अनुपस्थिति पर सवाल उठाए।
लोकमान्य तिलक के परपोते और तिलक स्मारक ट्रस्ट के अध्यक्ष रोहित तिलक ने शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत की लोकमान्य तिलक पुरस्कार पर की गई आलोचना का खंडन किया है। तिलक ने कहा कि यह सम्मान राजनीति से ऊपर है और इसे राजनीतिक दायरे में नहीं घसीटा जाना चाहिए। उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के राष्ट्रीय सुरक्षा क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान को पुरस्कार का आधार बताया। राउत ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा अजीत डोभाल को सम्मान दिए जाने पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाए थे। रोहित तिलक ने इन टिप्पणियों को अनावश्यक बताया और सम्मान को राजनीतिक नजरिए से न देखने की बात कही।