असम के नगांव में एक सीआरपीएफ अधिकारी ने अपने दो साथियों की गोली मारकर हत्या करने के बाद खुदकुशी कर ली। इस घटना में एक अन्य जवान गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस उपाधीक्षक परमिता सरकार ने बताया कि यह घटना मंगलवार सुबह करीब 7 बजे कटिमारी स्थित 34 बटालियन शिविर में हुई, जहां एएसआई/जीडी बलानी प्रेमबारम ने अपने सहयोगियों पर गोली चलाई। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, जवानों के बीच हुए झगड़े के बाद यह हादसा हुआ। घटना में बलानी प्रेमबारम, एचवी/जीडी विष्णु प्रसाद बघेल और एसआई/जीडी रामनवाल सिंह यादव की मौत हो गई, जबकि एएसआई/माने गोविंद श्रीपुल घायल हुए। वरिष्ठ अधिकारियों ने जांच के आदेश दिए हैं।
ग्वालियर में महज छह घंटे के भीतर गोलीबारी की तीन घटनाएं सामने आई हैं। इनमें से दो वारदातें मुरार में शराब दुकानों के बाहर हुईं, जबकि तीसरी घटना कंपू के थीम रोड पर रंजिश और पैसों के लेनदेन को लेकर हुई। बड़ागांव में हुई पहली घटना में सैफ अली खान मुख्य आरोपी है, जिसने शराब न मिलने पर फायरिंग की। हॉकर्स जोन में भी बदमाशों ने तीन-चार राउंड फायरिंग की। थीम रोड पर क्रिकेट सट्टे के विवाद में हिस्ट्रीशीटर देव परमार ने गोली चलाई। पुलिस ने आरोपियों की पहचान कर तलाश शुरू कर दी है।
भोपाल के शाहजहांनाबाद थाना क्षेत्र में अवैध शराब के कारोबार को लेकर आधी रात को गोलीबारी हुई। शराब तस्कर हेमंत ने 500 रुपये एडवांस लेकर शराब न देने और 400 रुपये की रकम वापस न करने पर अमन मिर्जा (22) को गोली मार दी। अमन के हाथ में गोली लगी, जिसके बाद आरोपित अपने साथियों सहित फरार हो गया। शाहजहांनाबाद पुलिस ने हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर हेमंत की तलाश शुरू कर दी है, जिसके खिलाफ पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।