शिवपुरी जिले की पिछोर तहसील में बीती रात हुई मूसलाधार बारिश से महुअर नदी उफान पर आ गई है। गुरुकुदवाया, सजोर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। गुरुकुदवाया पंचायत के कई घरों में 2 से 3 फीट तक पानी भर गया, जिससे घरेलू सामान खराब हो गया और शासकीय स्कूल भी जलमग्न हो गए। बारिश से सड़कें, गलियां और खेत तालाब में तब्दील हो गए, जिससे आवागमन प्रभावित हुआ और खड़ी फसलें डूब गईं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जल्द सर्वे और राहत कार्य की मांग की है। क्षेत्र में बारिश जारी है और नदी का जलस्तर बढ़ रहा है।
मध्य प्रदेश में मानसून की सुस्त रफ्तार के कारण बिजली संकट गहरा गया है। पर्याप्त बारिश न होने से बांधों में जलस्तर कम हो गया है, जिससे जलविद्युत उत्पादन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। राज्य में प्रतिदिन 13 से 14 हजार मेगावाट तक पहुंच रही बिजली की मांग को पूरा करने में कंपनियों को भारी मशक्कत करनी पड़ रही है। सामान्य स्थिति की तुलना में 2400 से 2500 मेगावाट बिजली का उत्पादन कम हो गया है। इस कमी की भरपाई के लिए ताप विद्युत संयंत्रों और बाहर से बिजली खरीदने पर निर्भरता बढ़ गई है, जिसके लिए मप्र पावर मैनेजमेंट कंपनी करीब दस रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली क्रय कर रही है।