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रायसेन के पिपलिया खुर्द में श्मशान घाट की कमी, बारिश में तिरपाल के नीचे हुआ अंतिम संस्कार

रायसेन जिले के पिपलिया खुर्द गांव में श्मशान घाट न होने के कारण 75 वर्षीय काशी बाई का अंतिम संस्कार भारी बारिश के बीच तिरपाल और छातों के नीचे करना पड़ा। सोमवार रात निधन के बाद, मंगलवार सुबह तेज बारिश में खुले खेत में यह प्रक्रिया पूरी की गई, जिसमें लकड़ियों के गीले होने से विलंब हुआ। ग्रामीणों का आरोप है कि 20 साल से अधिक समय से श्मशान घाट या पक्के रास्ते जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। बेगमगंज एसडीएम ने घटना की जानकारी मिलने पर भूमि चिन्हित करने की प्रक्रिया शुरू करने की बात कही है। यह घटना जिले में श्मशान की पक्की व्यवस्था न होने की व्यापक समस्या को उजागर करती है।

रायसेन के पिपलिया खुर्द में मुक्तिधाम के अभाव में बारिश के बीच तिरपाल और पेट्रोल से हुआ अंतिम संस्कार

रायसेन के पिपलिया खुर्द में मुक्तिधाम के अभाव के कारण काशीबाई का अंतिम संस्कार भारी बारिश में तिरपाल, पेट्रोल और टायरों की मदद से हुआ। ग्रामीणों ने पंचायत की उदासीनता पर आक्रोश व्यक्त किया, क्योंकि वर्षों से स्वीकृत श्मशान घाट का निर्माण नहीं हो सका है। जनपद सीईओ मोगराज मीणा ने मामले का संज्ञान लेते हुए तत्काल कार्रवाई और सभी पंचायतों को निर्देशित करने का आश्वासन दिया। यह घटना ग्राम पंचायतों द्वारा मुक्तिधाम निर्माण के लिए मिले बजट के बावजूद कार्य न होने और वर्तमान निर्देशों के प्रति उदासीनता को उजागर करती है।

CJP संस्थापक अभिजीत दीपके का 15 अगस्त से सरकारी स्कूलों की स्थिति सुधारने का देशव्यापी अभियान

कॉकरेच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने 15 अगस्त से गांवों के सरकारी स्कूलों की स्थिति सुधारने के लिए एक देशव्यापी अभियान की घोषणा की है। उन्होंने नागरिकों, अभिभावकों और गांव के नेताओं से बुनियादी सुविधाओं की कमी को दूर करने की अपील की। अभियान के तहत अभिभावकों को स्कूलों में बिजली, पानी और शौचालय जैसी सुविधाओं की जांच करनी होगी। CJP ने ‘सरपंच चैलेंज’ भी शुरू किया है, जिसके तहत स्कूलों में सुधार करने वाले सरपंचों को सार्वजनिक रूप से सम्मानित किया जाएगा। दीपके ने कहा कि ग्रामीण बच्चों को भी शहरों के बच्चों जैसी सुविधाएं मिलनी चाहिए, क्योंकि अच्छी शिक्षा उनका मौलिक अधिकार है।

डिंडौरी में ₹7.10 करोड़ की प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना की पुलिया बही

डिंडौरी के मेहंदवानी जनपद क्षेत्र में सात करोड़ दस लाख रुपये की लागत से बनी प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना की एक पुलिया बारिश में बह गई, जिससे आवागमन बाधित हो गया और किसानों की फसलें चौपट हो गईं। ग्रामीणों ने निर्माण में मनमानी का आरोप लगाया है, जबकि विभागीय अधिकारी इसे अतिवृष्टि का परिणाम बता रहे हैं। इस घटना ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता और ठेकेदार तथा संबंधित अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

मुरैना में जर्जर सड़क पर 7 वर्षीय बच्ची ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को दी चेतावनी

मुरैना जिले में एक सात वर्षीय बच्ची का जर्जर सड़क को लेकर आक्रोश सामने आया है। इस बच्ची ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को सड़क बनवाने की चेतावनी दी है, जिसका वीडियो इंटरनेट मीडिया पर वायरल हो रहा है। यह वीडियो सिकरोडी ग्राम पंचायत के रामरतन पुरा गांव का है, जहां कच्ची सड़क बारिश में कीचड़ और जलभराव से बदहाल हो गई है, जिससे बच्चों का स्कूल जाना बाधित है। ग्रामीणों का कहना है कि यह सड़क सालों से कच्ची है और उनकी मांग पर कोई सुनवाई नहीं हुई है।

शहडोल में पीडब्ल्यूडी ने साढ़े चार किलोमीटर सड़क बनाई, 100 मीटर पुलिया अधूरी

शहडोल जिले में लोक निर्माण विभाग ने जनपद पंचायत बुढ़ार के टेंघा से छिनमार मार्ग पर करीब साढ़े चार किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण पूरा कर लिया है। लेकिन, मार्ग के बीच नदी पर प्रस्तावित 100 मीटर लंबी पुलिया का काम शुरू नहीं हो सका है। बारिश में नदी का जलस्तर बढ़ने पर यह मार्ग पूरी तरह बाधित हो जाता है, जिससे ग्रामीणों को घंटों पानी कम होने का इंतजार करना पड़ता है और वे अक्सर फंस जाते हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण की प्राथमिकता गलत थी, जबकि विभाग के अधिकारियों ने जांच के बाद स्थिति स्पष्ट होने की बात कही है।

उज्जैन के पंचायत मॉडल पूरे मध्य प्रदेश के लिए प्रेरणा, नरवर पंचायत ने एक करोड़ से अधिक कर वसूला

उज्जैन के चार मॉडल पूरे मध्य प्रदेश की पंचायतों के लिए प्रेरणा बन रहे हैं। नरवर ग्राम पंचायत ने एक वर्ष में एक करोड़ रुपये से अधिक का कर संग्रह कर स्व-राजस्व का नया मानक स्थापित किया है। जिले की सभी ग्राम पंचायतों में सौर ऊर्जा व्यवस्था स्थापित की गई है। स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा संचालित कायथा टोल प्लाजा ने तीन वर्षों में 1.80 करोड़ रुपये की आय अर्जित की है। ‘प्रोजेक्ट स्वाध्याय’ के तहत नौ हजार विद्यार्थियों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता का प्रशिक्षण दिया गया है।

मध्य प्रदेश में जल जीवन मिशन लक्ष्य से पीछे; सीहोर में 43% परिवारों तक नल जल नहीं

मध्य प्रदेश में जल जीवन मिशन के तहत 77.21 प्रतिशत परिवारों तक नल जल पहुंचने का दावा किया गया है। हालांकि, जिला स्तरीय आंकड़े इससे अलग तस्वीर दर्शाते हैं। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के गृह जिले सीहोर में लगभग 43 प्रतिशत और विदिशा में लगभग 33 प्रतिशत परिवारों तक अब भी नल का पानी नहीं पहुंचा है। प्रदेश के 8 जिलों, जिनमें सतना, छतरपुर और सिंगरौली शामिल हैं, में आधे से अधिक परिवार नल जल सुविधा से वंचित हैं। कुल 23 जिलों में नल जल कवरेज 70 प्रतिशत से कम है। लोक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अनुसार, कम कवरेज का कारण बहु-ग्राम जल योजनाओं का निर्माणधीन होना है।

ग्वालियर में ‘मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान’ का शुभारंभ: 60 अधिकारियों ने 114 संस्थाओं का निरीक्षण किया, 150 समस्याएँ दर्ज

ग्वालियर जिले में ‘मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान’ का शुभारंभ हुआ, जिसमें जिला स्तर से 60 अधिकारियों ने घाटीगांव विकासखंड के विभिन्न गांवों में 114 सरकारी संस्थाओं का निरीक्षण किया। शिविर में लगभग 150 समस्याएँ दर्ज की गईं, जिनमें से अधिकांश का मौके पर ही निराकरण किया गया। मेडिकल बोर्ड द्वारा दिव्यांग प्रमाण-पत्र बनाए गए, और विभिन्न योजनाओं के तहत हितलाभ वितरित किए गए। पुलिस ने सीएम हेल्पलाईन की 47 शिकायतों का निराकरण किया। सीईओ ने विद्यालयों का निरीक्षण किया और सहरिया परिवारों की बकरियों की मांग पर सुविधाएँ उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।

मध्य प्रदेश में मेधावी योजना: ग्रामीण सेवा पर एमबीबीएस ऋण 100% माफ

मध्य प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी योजना में महत्वपूर्ण संशोधन किए हैं, जिससे अब पात्र विद्यार्थियों को शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों में एमबीबीएस की पढ़ाई के लिए भी लाभ मिलेगा। यह व्यवस्था वर्तमान शैक्षणिक सत्र से लागू होगी। योजना के तहत, फीस की प्रतिपूर्ति के साथ आवश्यक अतिरिक्त राशि ब्याजमुक्त ऋण के रूप में दी जाएगी। इस ऋण को मध्य प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में पांच वर्ष की सेवा पूरी करने पर 100% माफ किया जा सकेगा, जबकि ढाई वर्ष की सेवा पर 50% की छूट मिलेगी।