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झाबुआ में आदिवासियों की 19 बीघा पैतृक जमीन गैर-आदिवासी महिला के नाम दर्ज, जांच के आदेश

झाबुआ जिले के मेघनगर तहसील अंतर्गत नौगांवा ग्राम पंचायत में एक गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ एक आदिवासी परिवार की 19 बीघा से अधिक पैतृक कृषि भूमि बिना उनकी जानकारी और सहमति के एक गैर-आदिवासी महिला नीतू राठौर के नाम दर्ज कर दी गई। पीड़ित परिवार ने कलेक्ट्रेट में शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें स्थानीय पटवारी पर मिलीभगत का आरोप लगाया गया है। मध्य प्रदेश भू-राजस्व संहिता और संविधान की धारा 165(6) के प्रावधानों का उल्लंघन किया गया है। अपर कलेक्टर सीएस सोलंकी ने मामले का संज्ञान लेते हुए मेघनगर की एसडीएम अवंधती प्रधान को जांच के निर्देश दिए हैं।

मध्य प्रदेश की 23,011 पंचायतों को ग्रेडिंग, विकास बजट श्रेणी के अनुसार

मध्य प्रदेश की 23,011 ग्राम पंचायतों को अब उनके विकास के लिए श्रेणीकरण के आधार पर बजट मिलेगा, जिससे भेदभाव समाप्त होगा। विकसित भारत योजना-रोजगार एवं आजीविका मिशन के तहत पंचायतों को ए, बी और सी श्रेणियों में बांटा गया है, जिसमें 1,000, 8,000 और 14,000 पंचायतें शामिल हैं। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने इस श्रेणीकरण को स्वीकृति दे दी है। नौ सूचकांकों और 100 अंकों की ग्रेडिंग के आधार पर यह वर्गीकरण किया गया है।

पन्ना में प्लास्टिक कचरे से ग्रामीण महिलाओं को मिला रोजगार, बन रहे उपयोगी उत्पाद

पन्ना राष्ट्रीय उद्यान के आसपास के गांवों में प्लास्टिक कचरा अब ग्रामीण महिलाओं के लिए रोजगार का स्रोत बन गया है। मध्य प्रदेश पर्यटन बोर्ड द्वारा 2022 में शुरू किए गए ‘प्रोजेक्ट क्लीन डेस्टिनेशंस’ के तहत 14 ग्राम पंचायतों के 30 गांवों से 45 टन से अधिक प्लास्टिक एकत्र कर उसे उपयोगी उत्पादों जैसे बैग और स्मृति चिन्ह में बदला गया है। यह पहल महिलाओं को प्रशिक्षण, आय और आर्थिक आत्मनिर्भरता प्रदान कर रही है, साथ ही पारंपरिक कारीगरी को पर्यावरणीय उद्देश्य से जोड़ रही है। 2025 में बांधवगढ़ तक विस्तारित इस मॉडल को SKOCH सिल्वर अवार्ड भी मिला है, जो संरक्षण और स्थानीय अर्थव्यवस्था को जोड़ता है।

ग्राम पंचायत 25 लाख, जिला पंचायत 2 करोड़ रुपये तक के निर्माण कार्यों को दे सकेंगी स्वीकृति

मध्य प्रदेश सरकार ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के निर्माण कार्यों में तेजी लाने के लिए वित्तीय अधिकारों में वृद्धि की है। नए निर्माण कार्यों के लिए ग्राम पंचायत 25 लाख और जिला पंचायत व कलेक्टर 2 करोड़ रुपये तक की प्रशासनिक स्वीकृति दे सकेंगे। तकनीकी स्वीकृति के लिए भी सहायक यंत्री से अधीक्षण यंत्री तक की सीमाएं तय की गई हैं। वित्त विभाग ने मंगलवार को आदेश जारी किए, जिससे विकास कार्यों की प्रक्रिया विकेंद्रीकृत होगी और उच्च स्तर की स्वीकृति की आवश्यकता कम होगी। विशेष मरम्मत कार्यों के लिए भी अलग-अलग स्तरों पर स्वीकृति सीमाएं निर्धारित की गई हैं।

छिंदवाड़ा: बदहाल सड़क के कारण गर्भवती तक नहीं पहुंची एंबुलेंस, ग्रामीणों ने चारपाई पर पहुंचाया

छिंदवाड़ा के ग्राम सालीवाड़ा शारदा के खजरी मोहल्ले में बदहाल सड़क के कारण एक गर्भवती महिला तक 108 एंबुलेंस नहीं पहुंच पाई। प्रसव पीड़ा से तड़प रही महिला को ग्रामीणों ने चारपाई पर लिटाकर एंबुलेंस तक पहुंचाया, जिसके बाद उसे अमरवाड़ा अस्पताल ले जाया गया जहां उसकी सामान्य डिलीवरी हुई और जच्चा-बच्चा स्वस्थ हैं। घटना के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने सड़क का निरीक्षण कर गड्ढे भरने और स्थायी निर्माण का आश्वासन दिया है। ग्रामीणों ने सड़क निर्माण न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।

इंदौर से स्वामित्व अधिकार अभिलेख योजना-2026 का शुभारंभ, 50 लाख ग्रामीण परिवारों को मिलेगा संपत्ति का अधिकार

इंदौर से स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन योजना-2026 का शुभारंभ किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर शुरू हुई इस योजना के तहत मध्य प्रदेश के 50 लाख ग्रामीण परिवारों को निःशुल्क संपत्ति अधिकार मिलेंगे। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कार्यक्रम में भाग लिया और तीन लाभार्थियों को दस्तावेज सौंपे। नितिन नवीन ने इसे स्वाभिमान और सुरक्षित भविष्य का अभियान बताया, जबकि मुख्यमंत्री यादव ने मध्य प्रदेश को ग्रामीण संपत्तियों के निःशुल्क पंजीयन का निर्णय लेने वाला पहला राज्य बताया। दोनों नेताओं ने कांग्रेस पर निशाना साधा।

रायसेन के पिपलिया खुर्द में श्मशान घाट की कमी, बारिश में तिरपाल के नीचे हुआ अंतिम संस्कार

रायसेन जिले के पिपलिया खुर्द गांव में श्मशान घाट न होने के कारण 75 वर्षीय काशी बाई का अंतिम संस्कार भारी बारिश के बीच तिरपाल और छातों के नीचे करना पड़ा। सोमवार रात निधन के बाद, मंगलवार सुबह तेज बारिश में खुले खेत में यह प्रक्रिया पूरी की गई, जिसमें लकड़ियों के गीले होने से विलंब हुआ। ग्रामीणों का आरोप है कि 20 साल से अधिक समय से श्मशान घाट या पक्के रास्ते जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। बेगमगंज एसडीएम ने घटना की जानकारी मिलने पर भूमि चिन्हित करने की प्रक्रिया शुरू करने की बात कही है। यह घटना जिले में श्मशान की पक्की व्यवस्था न होने की व्यापक समस्या को उजागर करती है।

रायसेन के पिपलिया खुर्द में मुक्तिधाम के अभाव में बारिश के बीच तिरपाल और पेट्रोल से हुआ अंतिम संस्कार

रायसेन के पिपलिया खुर्द में मुक्तिधाम के अभाव के कारण काशीबाई का अंतिम संस्कार भारी बारिश में तिरपाल, पेट्रोल और टायरों की मदद से हुआ। ग्रामीणों ने पंचायत की उदासीनता पर आक्रोश व्यक्त किया, क्योंकि वर्षों से स्वीकृत श्मशान घाट का निर्माण नहीं हो सका है। जनपद सीईओ मोगराज मीणा ने मामले का संज्ञान लेते हुए तत्काल कार्रवाई और सभी पंचायतों को निर्देशित करने का आश्वासन दिया। यह घटना ग्राम पंचायतों द्वारा मुक्तिधाम निर्माण के लिए मिले बजट के बावजूद कार्य न होने और वर्तमान निर्देशों के प्रति उदासीनता को उजागर करती है।

CJP संस्थापक अभिजीत दीपके का 15 अगस्त से सरकारी स्कूलों की स्थिति सुधारने का देशव्यापी अभियान

कॉकरेच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने 15 अगस्त से गांवों के सरकारी स्कूलों की स्थिति सुधारने के लिए एक देशव्यापी अभियान की घोषणा की है। उन्होंने नागरिकों, अभिभावकों और गांव के नेताओं से बुनियादी सुविधाओं की कमी को दूर करने की अपील की। अभियान के तहत अभिभावकों को स्कूलों में बिजली, पानी और शौचालय जैसी सुविधाओं की जांच करनी होगी। CJP ने ‘सरपंच चैलेंज’ भी शुरू किया है, जिसके तहत स्कूलों में सुधार करने वाले सरपंचों को सार्वजनिक रूप से सम्मानित किया जाएगा। दीपके ने कहा कि ग्रामीण बच्चों को भी शहरों के बच्चों जैसी सुविधाएं मिलनी चाहिए, क्योंकि अच्छी शिक्षा उनका मौलिक अधिकार है।

डिंडौरी में ₹7.10 करोड़ की प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना की पुलिया बही

डिंडौरी के मेहंदवानी जनपद क्षेत्र में सात करोड़ दस लाख रुपये की लागत से बनी प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना की एक पुलिया बारिश में बह गई, जिससे आवागमन बाधित हो गया और किसानों की फसलें चौपट हो गईं। ग्रामीणों ने निर्माण में मनमानी का आरोप लगाया है, जबकि विभागीय अधिकारी इसे अतिवृष्टि का परिणाम बता रहे हैं। इस घटना ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता और ठेकेदार तथा संबंधित अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।