इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन (आईओए) ने ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 से पहले भारतीय एथलीटों के लिए नया प्रोटोकॉल लागू किया है। इसके तहत खिलाड़ी एआई-जनरेटेड सामग्री पोस्ट नहीं कर सकेंगे, न ही टीम की आंतरिक रणनीति या निजी ब्रांड का प्रचार सार्वजनिक कर सकेंगे। इसका उद्देश्य खिलाड़ियों को प्रतियोगिता पर केंद्रित रखना और सोशल मीडिया विवादों से बचना है। ग्लासगो में कॉमनवेल्थ गेम्स गुरुवार से शुरू हो रहे हैं, जिसमें मीराबाई चानू और लवलीना बोरगोहाईं भारत की ध्वजवाहक होंगी। भारत के 126 खिलाड़ी 8 खेलों में हिस्सा लेंगे और नीरज चोपड़ा टीम का नेतृत्व करेंगे।
23वें कॉमनवेल्थ गेम्स 23 जुलाई से 2 अगस्त तक स्कॉटलैंड के ग्लासगो में आयोजित होंगे, जिसमें 74 देशों के 3,000 से अधिक खिलाड़ी 1,168 पदकों के लिए प्रतिस्पर्धा करेंगे। भारत के 125 एथलीट 8 खेलों में हिस्सा लेंगे। ओलिंपिक मेडलिस्ट लवलीना बोरगोहेन ने 75 किलो वेट वर्ग में बॉक्सिंग में मेडल पक्का कर लिया है, उन्हें क्वार्टरफाइनल में बाई मिला है। गेम्स का उद्घाटन समारोह 23 जुलाई को ओवीओ हाइड्रो एरीना में होगा, जिसमें मीराबाई चानू और लवलीना बोरगोहेन भारतीय ध्वजवाहक होंगी। यह आयोजन दूसरी बार ग्लासगो में हो रहा है।
कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए बेलफास्ट से ग्लासगो पहुंची भारतीय बॉक्सिंग टीम को सामान छूटने की समस्या का सामना करना पड़ा। टीम का आधा सामान, जिसमें बॉक्सिंग गियर, किट और ओपनिंग सेरेमनी की ड्रेस शामिल है, बेलफास्ट में ही रह गया। वर्ल्ड चैंपियन जैस्मीन लंबोरिया सहित पांच मुक्केबाजों और मेंस टीम के हेड कोच सी. कुटप्पा का सामान गायब है। विमान छोटा होने के कारण यह समस्या आई। टीम को महिला कोच के ठहरने की व्यवस्था में भी दिक्कत हो रही है, जिससे तैयारियों पर असर पड़ रहा है। गेम्स 23 जुलाई से शुरू होंगे, जबकि बॉक्सिंग मुकाबले 24 जुलाई से।