मानसून सत्र में पहले दिन से जारी गतिरोध को समाप्त करने के लिए सरकार छात्र आंदोलन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई और राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर चर्चा को तैयार है। सरकार ने विपक्ष द्वारा गतिरोध तोड़ने की शर्त पर गृह मंत्री अमित शाह के जवाब देने का प्रस्ताव दिया है। विपक्ष को आशंका है कि सरकार चर्चा के बाद परिसीमन विधेयक पेश कर सकती है। इस बीच, सरकार एफसीआरए विधेयक को संयुक्त संसदीय समिति को भेजने की तैयारी में है, जिसका उद्देश्य विदेशी अंशदान की निगरानी करना है। विपक्षी दल इसे अल्पसंख्यकों को निशाना बनाने वाला बताते हैं, जबकि सरकार ने धार्मिक भेदभाव के आरोपों को खारिज किया है।
संसद में विपक्षी दलों के हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही को दिन में दूसरी बार दोपहर तीन बजे तक स्थगित कर दिया गया। इस दौरान एफसीआरए विधेयक को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विधेयक को अल्पसंख्यक विरोधी होने से इनकार किया, जबकि कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने इसे वापस लेने की मांग की। लोकसभा में विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक पेश किया गया और दो अन्य विधेयक बिना चर्चा के पारित हुए। राज्यसभा में राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (संशोधन) विधेयक, 2026 पर चर्चा जारी रही।