उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध महाकाल मंदिर में दान प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए अत्याधुनिक कैरेटोमीटर मशीन स्थापित की गई है। लगभग 15 लाख रुपये की यह मशीन एक्स-रे तकनीक पर आधारित है, जो महज 30 सेकंड में सोना-चांदी की शुद्धता और कैरेट की जानकारी देती है। सहायक प्रशासक सिम्मी यादव के अनुसार, यह आभूषणों को बिना नुकसान पहुंचाए जांच करती है, जिसके बाद तत्काल रसीद जारी की जाती है। इंजीनियर सुशील कुमार गौर ने बताया कि यह एक्स-रे फ्लोरोसेंस (XRF) तकनीक पर काम करती है। श्रद्धालुओं ने इस पहल का स्वागत किया है, जिससे पारदर्शिता बढ़ने और धोखाधड़ी कम होने की उम्मीद है।