बालाघाट में बहुचर्चित चावल कांड में पूर्व मंत्री रामकिशोर कावरे के भतीजे और हर्ष राइस इंडस्ट्री के साझेदार अविनाश कावरे को वारासिवनी न्यायालय ने 14 अगस्त तक के लिए पुनः पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। एसआईटी उनसे मामले में उनकी और अन्य साझेदारों की संलिप्तता को लेकर गहन पूछताछ करेगी। बालाघाट विधायक अनुभा मुंजारे ने एसआईटी की जांच पर सवाल उठाते हुए प्रभावशाली लोगों की गिरफ्तारी न होने और अविनाश कावरे के अस्पताल में भर्ती होने पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने पुलिस पर दबाव बनाने और शहर में बढ़ते अपराधों पर भी सवाल उठाए, प्रभावी पुलिसिंग की मांग की।
बालाघाट में 3 जून 2026 को संचेती राइस मिल में 242 क्विंटल सरकारी चावल पकड़े जाने के दो माह दो दिन बाद, एसआईटी ने चावल हेराफेरी के बड़े सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा के नेतृत्व में 17 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जो एथनाल नीति की आड़ में गरीबों के हक का चावल हड़प रहे थे। जांच में 5459 टन सरकारी चावल के छिंदवाड़ा एथनाल प्लांट तक न पहुंचने की पुष्टि हुई है। इस मामले में पूर्व मंत्री रामकिशोर कावरे के भतीजे और करीबी भी शामिल हैं, और अब बड़े चेहरों पर कार्रवाई का इंतजार है।
मध्य प्रदेश के करोड़ों के फोर्टिफाइड चावल घोटाले की जांच अब भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) तक पहुंच गई है। एसआईटी ने एफसीआई बालाघाट के सहायक ग्रेड-एक सुरेंद्र सूर्यवंशी और संचेती राइस मिल के मैनेजर को गिरफ्तार किया है। दोनों को पांच अगस्त तक पुलिस रिमांड पर लिया गया है। सूर्यवंशी पर राइस मिल संचालकों और एथनाल प्लांट के बीच चावल की हेराफेरी में मध्यस्थता करने और पैसों के लेनदेन का जिम्मा संभालने का आरोप है। इस मामले में कुल 17 आरोपित गिरफ्तार हो चुके हैं, जबकि चार फरार हैं।
मध्य प्रदेश के बालाघाट में एथेनॉल के नाम पर हुए करोड़ों के फोर्टिफाइड चावल घोटाले में एसआईटी ने भाजपा जिलाध्यक्ष रामकिशोर कावरे के भतीजे अविनाश कावरे और गोपाल ठाकुर को गिरफ्तार किया है। अविनाश हर्ष राइस इंडस्ट्री में 20% का साझेदार है, जबकि गोपाल 10% का साझेदार है। वारासिवनी न्यायालय ने दोनों को तीन दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा है। एसआईटी पर पहले भाजपा नेताओं के दबाव में होने के आरोप लगे थे। इस मामले में अब तक 14 आरोपित गिरफ्तार हो चुके हैं, और पूर्व मंत्री के भाई कुमार कावरे पर भी कार्रवाई की अटकलें हैं।
बहुचर्चित सरकारी चावल हेराफेरी कांड में एसआईटी ने सिवनी स्थित नंदगोपाल राइस मिल पर छापा मारा, जहां डेढ़ हजार से अधिक खाली बोरे जब्त किए गए। यह कार्रवाई आरोपित राइस मिल संचालक सोनू जैन को सिवनी ले जाने के बाद की गई। सोनू जैन पंजाब के निवासी हैं और सिवनी में उनकी दो राइस मिलें हैं। एसआईटी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ सहित अन्य राज्यों में जांच कर रही है, जिसमें अब तक 13 आरोपित गिरफ्तार हुए हैं और चार फरार हैं। आरोपितों ने उच्च न्यायालय में जमानत याचिकाएं दायर की हैं, जिनमें से कुछ पर सुनवाई बाकी है।
मध्य प्रदेश में इथेनॉल उत्पादन के नाम पर हुए चावल घोटाले की जांच में एसआईटी ने तीन राज्यों के 14 राइस मिल संचालकों को संलिप्त पाया है। इनमें मध्य प्रदेश के पूर्व मंत्री रामकिशोर कावरे के बड़े भाई कुमार कावरे की हर्ष राइस मिल भी शामिल है, जिसके बिजनेस पार्टनर और परिवार के सदस्यों से पूछताछ हुई है। कलेक्टर मृणाल मीना के निर्देश पर एफसीआई और नागरिक आपूर्ति निगम ने इन मिलरों को धान वितरण रोकने को कहा है। यह मामला 3 जून को 242 क्विंटल सरकारी चावल से भरे ट्रक के पकड़े जाने से सामने आया था, जिसमें अब तक 10 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं।
बालाघाट में चावल हेराफेरी मामले में एसआईटी की जांच तेज हो गई है। दोषी राइस मिल संचालकों पर आर्थिक और व्यावसायिक प्रतिबंध लगाने की तैयारी है, जिन्हें एफसीआई भोपाल स्तर से ब्लैकलिस्ट करेगा। एफसीआई पुलिस या एसआईटी से एफआईआर कॉपी मिलने का इंतजार कर रहा है। एसआईटी ने बालाघाट, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ के मिलरों व ट्रक ड्राइवरों को पूछताछ के लिए बुलाया है। गोंदिया के जुगल प्रसाद खंडेलवाल पर भी कार्रवाई हुई है, जिन्हें अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद पुलिस रिमांड पर लिया जाएगा। संचेती राइस मिल से 44 लाख रुपये की वसूली का आदेश पहले ही जारी हो चुका है।