मध्य प्रदेश में नीट यूजी-2026 की राज्य स्तरीय काउंसलिंग के लिए चिकित्सा एवं दंत चिकित्सा कॉलेजों की आधिकारिक सूची जारी कर दी गई है। चिकित्सा शिक्षा संचालनालय (डीएमई) द्वारा मंगलवार को जारी इस सूची में प्रदेश के कुल 47 सरकारी और निजी संस्थान शामिल हैं। एमबीबीएस पाठ्यक्रम के लिए 20 सरकारी और 15 निजी मेडिकल कॉलेज भाग ले रहे हैं, जिनमें गांधी मेडिकल कॉलेज भोपाल, एमजीएम इंदौर सहित कई प्रतिष्ठित संस्थान शामिल हैं। वहीं, बीडीएस पाठ्यक्रमों के लिए एक सरकारी और 11 निजी डेंटल कॉलेज काउंसलिंग प्रक्रिया का हिस्सा होंगे। यह सूची नीट उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को चॉइस फिलिंग में सहायता प्रदान करेगी।
जबलपुर हाई कोर्ट ने रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के कर्मचारियों के नियमितीकरण को निलंबित करने के कुलगुरु के आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है। न्यायमूर्ति विशाल धगट की एकलपीठ ने कहा कि अनियमितता का ठोस आधार नहीं है और 14 जुलाई, 2026 का आदेश जांच रिपोर्ट आने तक प्रभावी नहीं रहेगा। कर्मचारियों को अंडरटेकिंग देनी होगी कि प्रतिकूल रिपोर्ट आने पर वे अंतर राशि लौटाएंगे। अगली सुनवाई सितंबर में होगी। वहीं, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने मेडिकल इंटर्न्स का स्टाइपेंड 30,000 रुपये करने की मांग करते हुए मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा है।
भोपाल के हकीम सैयद जियाउल हसन यूनानी मेडिकल कॉलेज में देश का पहला अत्याधुनिक सरकारी हम्माम सेंटर बनाया जाना है। चार साल पहले घोषित यह प्रोजेक्ट लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की सुस्ती के कारण अटका है, जिसने अभी तक डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) कॉलेज प्रबंधन को नहीं सौंपी है। डीपीआर के अभाव में टेंडर और निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पा रहा है, जिससे तीन करोड़ रुपये के शुरुआती बजट होने के बावजूद लागत बढ़ने की संभावना है। यह सेंटर यूनानी पद्धति से गंभीर बीमारियों के इलाज और बॉडी डिटाक्स के लिए विशेष होगा।
मध्य प्रदेश में एमबीबीएस और बीडीएस पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए नीट यूजी-2026 काउंसलिंग का टेंटेटिव शेड्यूल जारी हो गया है। चिकित्सा शिक्षा आयुक्त कार्यालय ने पहले राउंड का कार्यक्रम घोषित किया है, जिसके तहत रजिस्ट्रेशन 5 से 13 अगस्त तक होंगे। सीट मैट्रिक्स 11 अगस्त को जारी होगी, जिस पर आपत्तियां दर्ज कराई जा सकेंगी। स्टेट मेरिट लिस्ट 14 अगस्त को आएगी। पहले राउंड का सीट अलॉटमेंट रिजल्ट 20 अगस्त को घोषित होगा, जिसके बाद 21 से 27 अगस्त तक दस्तावेज सत्यापन और प्रवेश प्रक्रिया पूरी करनी होगी। अभ्यर्थियों को अपग्रेडेशन का विकल्प चुनना अनिवार्य होगा।
मध्य प्रदेश के 13 सरकारी मेडिकल कॉलेजों के करीब 3,600 एमबीबीएस इंटर्न डॉक्टर मासिक स्टाइपेंड 14,337 रुपये से बढ़ाकर 30,000 रुपये करने की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन काम बंद हड़ताल पर हैं। यह आंदोलन 9 जुलाई 2026 से जारी है और हाल ही में तेज हुआ है। चिकित्सा शिक्षा आयुक्त ने 20% वृद्धि का मौखिक आश्वासन दिया है, लेकिन डॉक्टर लिखित आदेश पर अड़े हैं। हड़ताल से नियमित ओपीडी और वार्ड सेवाएं प्रभावित हुई हैं, हालांकि आपातकालीन सेवाएं जारी हैं। जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन और प्रोग्रेसिव मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन ने भी इंटर्न्स का समर्थन किया है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं पर संकट गहराने की आशंका है।
जबलपुर के नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज में रोबोटिक सर्जरी की शुरुआत का मार्ग प्रशस्त हो गया है। लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग ने कॉलेज के प्रस्ताव को सैद्धांतिक सहमति दी है, जिसका उद्देश्य सरकारी चिकित्सा में सटीक और सुरक्षित सर्जरी प्रदान करना है। पहले चरण में यह सुविधा स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट (एससीआई) में शुरू होगी। हालांकि, कॉलेज की 2 करोड़ रुपये की ई-म्यूजियम परियोजना को अभी विभागीय मंजूरी का इंतजार है। रोबोटिक सर्जरी एक आधुनिक तकनीक है जिसमें प्रशिक्षित सर्जन रोबोटिक भुजाओं को नियंत्रित कर जटिल ऑपरेशन करते हैं, जिससे रिकवरी तेज होती है।
मध्य प्रदेश के 13 सरकारी मेडिकल कॉलेजों में कार्यरत करीब 3,600 एमबीबीएस इंटर्न्स ने शनिवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। इंटर्न्स 14,000 रुपये मासिक स्टाइपेंड को बढ़ाकर 30,000 रुपये प्रति माह करने की मांग कर रहे हैं, साथ ही सम्मानजनक कार्य परिस्थितियों की भी मांग है। हड़ताल के कारण नियमित ओपीडी और वार्ड सेवाएं प्रभावित हुई हैं, हालांकि इमरजेंसी सेवाएं जारी हैं। जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन (जूडा) और प्रोग्रेसिव मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन ने आंदोलन का समर्थन किया है।
मध्य प्रदेश देश का पहला राज्य बन गया है जो यूनानी चिकित्सा (बीयूएमएस) की पुस्तकों को हिंदी में उपलब्ध कराएगा। भोपाल स्थित शासकीय यूनानी चिकित्सा महाविद्यालय में गैर-उर्दू भाषी छात्रों की बढ़ती संख्या को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। आयुष विभाग के अनुसार, इससे आरक्षित वर्गों के रिक्त पदों को भरने में मदद मिलेगी। भारत सरकार ने 2022-23 के बाद प्रवेश नियमों में बदलाव कर दसवीं में उर्दू की अनिवार्यता समाप्त कर दी है।
मेडिकल कॉलेजों में काम के घंटे कम करने और स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर नौ जुलाई 2026 से चल रहे इंटर्न डॉक्टरों के आंदोलन में नया मोड़ आया है। भूख हड़ताल की चेतावनी के बाद प्रशासन ने बातचीत का रास्ता खोला, जिसके परिणामस्वरूप भूख हड़ताल को स्थगित कर दिया गया है। गांधी मेडिकल कॉलेज की डीन ने स्वास्थ्य आयुक्त को स्थिति से अवगत कराया, जिसके बाद इंटर्न डॉक्टरों के प्रतिनिधिमंडल को मंगलवार को वल्लभ भवन में उच्चस्तरीय बैठक के लिए आमंत्रित किया गया है। विपक्ष ने भी मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर इंटर्न डॉक्टरों की मांगों का समर्थन किया है।