मध्य प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरों के 4,573 स्वीकृत पदों में से 2,581 पद (56.44%) खाली हैं। वहीं, 24 विशेषज्ञ डॉक्टर स्वास्थ्य संचालनालय में प्रशासनिक कार्य कर रहे हैं, जिनमें तीन स्त्री रोग विशेषज्ञ 25 वर्षों से पदस्थ हैं। इस कमी के कारण जिला अस्पतालों में इलाज और ऑपरेशन जैसी सेवाएं प्रभावित हो रही हैं, और मरीजों को बड़े शहरों में रेफर करना पड़ रहा है। सरकार भर्ती प्रक्रिया चला रही है, लेकिन रिक्त पदों की तुलना में रफ्तार धीमी है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में समस्या और गंभीर है।
ग्वालियर के हजार बिस्तर अस्पताल में सीटी स्कैन और एमआरआई जांच सुविधा अगस्त माह के अंत तक शुरू होने की उम्मीद है। अस्पताल प्रशासन ने मशीनों की स्थापना की प्रक्रिया तेज कर दी है और तकनीकी तैयारियां अंतिम चरण में हैं। जीआरएमसी प्रबंधन ने केबल बिछाने के लिए टेंडर जारी कर कार्यादेश भी दिए हैं। इस सुविधा से गंभीर मरीजों को अस्पताल परिसर में ही तत्काल जांच मिल सकेगी, जिससे इलाज में तेजी आएगी और उन्हें पुराने परिसर ले जाने का जोखिम कम होगा। एमआरआई मशीन की लागत लगभग 17.02 करोड़ रुपये है।