उमरिया जिले में स्कूल जा रही दो 11वीं कक्षा की छात्राएं आरती यादव और मीना यादव सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गईं। चंदिया थाना क्षेत्र के सलैया गांव के पास मोड़ पर एक ट्रैक्टर से उनके दोपहिया वाहन की टक्कर हो गई। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए कटनी रेफर किया गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है, जबकि स्थानीय लोगों ने सड़क सुरक्षा पर चिंता जताई है।
जबलपुर में महिला पुलिस अधिकारियों और शक्ति टास्क फोर्स ने गरिमा अभियान के तहत स्कूलों के आसपास मनचलों और संदिग्ध युवकों पर सघन कार्रवाई की। बिना हेलमेट और नंबर प्लेट वाले वाहनों की भी जांच की गई। पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय ने छात्राओं को निर्भय होकर आवागमन करने और छेड़छाड़ की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की। पुलिस ने तत्काल कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके अतिरिक्त, मध्य प्रदेश में बस किराया बढ़ने से जबलपुर में 5 किमी तक का न्यूनतम किराया 10 रुपये हो गया है।
धार जिले के बाग ब्लॉक स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका छात्रावास से कक्षा छठी की दो छात्राएं बुधवार को बिना बताए निकलकर 8 किलोमीटर पैदल अपने गांव कनेरी पहुंचीं। घर पहुंचने के बाद एक छात्रा ने जहरीली दवा पी ली, जिसे मनावर अस्पताल में भर्ती कराया गया। उपचार के बाद शुक्रवार को उसे छुट्टी मिल गई और अब वह खतरे से बाहर है। छात्रावास वार्डन के अनुसार, गिनती के दौरान छात्राओं के गायब होने का पता चला। प्रारंभिक जानकारी में सामने आया कि छात्राएं परिवार से दूर रहने के कारण छात्रावास में नहीं रहना चाहती थीं।
जबलपुर पुलिस ने शहर में बेटियों और छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ‘गरिमा अभियान’ को तेज कर दिया है। पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय के निर्देश पर गुरुवार को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनु बेनिवाल ने शैक्षणिक संस्थानों के आसपास दबिश दी और मनचलों व संदिग्ध युवकों पर कार्रवाई की। इस दौरान बिना हेलमेट या संदिग्ध नंबर प्लेट वाले वाहनों पर भी कार्रवाई हुई। एएसपी ने छात्राओं से सीधे संवाद कर उन्हें छेड़छाड़ या परेशानी होने पर तत्काल पुलिस को सूचना देने का संदेश दिया, साथ ही सख्त कार्रवाई का आश्वासन भी दिया।
उच्च शिक्षा विभाग ने सत्र 2024-25 के लिए गांव की बेटी और प्रतिभा किरण छात्रवृत्ति योजना के तहत आवेदन की अंतिम तिथि 1 अगस्त तक बढ़ा दी है। पहले यह तिथि 20 जुलाई निर्धारित थी। विभाग ने यह निर्णय उन छात्राओं को राहत देने के लिए लिया है जो निर्धारित समय में आवेदन नहीं कर पाई थीं, ताकि अधिक पात्र छात्राओं को योजना का लाभ मिल सके। विभाग ने संबंधित अधिकारियों को समय पर सत्यापन और भुगतान के निर्देश दिए हैं, साथ ही छात्राओं से जल्द आवेदन करने की अपील की है। योजना के तहत छात्राओं को सालाना ₹5,000 मिलते हैं।