कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बुधवार को महाराष्ट्र के नासिक में जनजातीय छात्रों के एक प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की, जिसमें भूख हड़ताल पर बैठे छात्र भी शामिल थे। उन्होंने छात्रों की समस्याओं और मांगों को ध्यान से सुना। राहुल गांधी ने कहा कि शिक्षा कोई विशेषाधिकार नहीं, बल्कि हर छात्र का अधिकार है। उन्होंने जोर दिया कि वंचित समुदायों के छात्रों की अनदेखी नहीं होनी चाहिए और उन्हें व्यवस्था का समर्थन मिलना चाहिए। छात्रों का प्रदर्शन आश्रम स्कूलों की खराब हालत सहित विभिन्न मुद्दों को लेकर था। राहुल गांधी ने महाराष्ट्र कांग्रेस के जिला स्तरीय नेताओं से भी बातचीत की।
बड़वानी पीजी कॉलेज में खेल मैदान सहित अन्य सुविधाओं की मांग को लेकर 24 घंटे से अधिक समय से जारी छात्रों का धरना गुरुवार रात उग्र हो गया। विद्यार्थियों ने प्राचार्य को उनके कक्ष में घेर लिया, जिसके बाद भारी पुलिस बल की मौजूदगी में प्राचार्य को सुरक्षा घेरे में उनके घर पहुंचाया गया। इस दौरान कुछ छात्रों ने वाहन के आगे लेटकर विरोध प्रदर्शन किया। दिनभर प्रशासन और पुलिस के साथ हुई चर्चा के बावजूद कोई ठोस समाधान नहीं निकला। देर रात धरना समाप्त हो गया, लेकिन छात्र लिखित आश्वासन की मांग पर अड़े हुए हैं।
एलएनआईपीई ग्वालियर में छात्रों का आंदोलन मंगलवार को 14वें दिन भी जारी रहा और तेज हो गया। गुवाहाटी परिसर की छात्रा श्रुति उपाध्याय की मौत के बाद 8 सितंबर से जारी इस प्रदर्शन में अब चार छात्र अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। छात्रों का आरोप है कि प्रबंधन उनकी छह सूत्रीय मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहा, केवल आश्वासन दे रहा है। मंगलवार को छात्रों ने एडमिन ब्लॉक पहुंचकर कुलपति की गाड़ी को घेरने का प्रयास भी किया, जिसके बाद कुलपति की गाड़ी वापस लौट गई और परिसर में तनाव की स्थिति बनी रही।
बेगमगंज में बस ऑपरेटरों द्वारा यात्री किराए में अचानक भारी वृद्धि किए जाने के खिलाफ ‘जेन-जी’ (जनरेशन ज़ेड) सड़कों पर उतर आई। मंगलवार को सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने रैली निकालकर एसडीएम प्रियंका भलावी को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने बस ऑपरेटरों द्वारा अचानक बढ़ाए गए किराए का विरोध किया। ज्ञापन में सागर का किराया 80 से 120 रुपये, भोपाल का 150 से 250 रुपये और सुल्तानगंज से बेगमगंज का 25 से 50 रुपये करने का उल्लेख किया गया। छात्रों ने कहा कि दोगुना किराया बढ़ने से गरीब छात्र-छात्राओं की पढ़ाई बाधित हो रही है और उनके भविष्य पर खतरा मंडरा रहा है। उन्होंने किराया समीक्षा और रियायती कार्ड की मांग की।
भोपाल में नर्सिंग छात्रों का नर्सिंग काउंसिल के सामने चल रहा अनिश्चितकालीन धरना सोमवार को उग्र हो गया। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने डिप्टी रजिस्ट्रार पर स्याही फेंकी और नकली नोट उछाले। छात्र आठ अगस्त से नर्सिंग शिक्षा में अधिकारियों की लापरवाही और कथित भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन कर रहे हैं। उनकी प्रमुख मांगों में जीएनएम और बीएससी नर्सिंग के लंबित रिजल्ट जारी करना, आगामी परीक्षाएं आयोजित कराना, छात्रवृत्ति प्रदान करना और फैकल्टी मैनेजमेंट सिस्टम लागू करना शामिल है। छात्रों ने मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री और रजिस्ट्रार के इस्तीफे की भी मांग की।
जबलपुर में सांदीपनी विद्यालय पाटन के सैकड़ों छात्रों ने नियमित परिवहन सुविधा की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। स्कूल पाटन बस्ती से करीब 10 किलोमीटर दूर सकरा गांव में संचालित होने के कारण छात्रों को आवागमन में परेशानी होती है। पाटन-जबलपुर रोड पर छात्रों के प्रदर्शन से यातायात बाधित हुआ। एसडीएम मानवेंद्र सिंह और अन्य अधिकारियों ने छात्रों से बातचीत कर जल्द बस सुविधा शुरू करने का आश्वासन दिया, जिसके बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ। छात्र अब नियमित बस सेवा शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं।
रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने गुरुवार को कुलगुरु कार्यालय में लगभग तीन घंटे तक धरना प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने कुलगुरु को सात सूत्रीय ज्ञापन सौंपकर लॉ विभाग की जर्जर इमारत, दो वर्षों से लंबित छात्रवृत्ति, बढ़ी हुई फीस, परीक्षा परिणाम में देरी और एनसीसी इकाई के निलंबन जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। प्रांत मंत्री सुव्रत बांझल ने सुविधाओं की कमी और फीस वृद्धि पर सवाल उठाए, जबकि महानगर मंत्री आर्यन पुंज ने एनसीसी इकाई बहाल करने की मांग की। एबीवीपी ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
कांग्रेस नेता शशि थरूर ने शुक्रवार को स्वीकार किया कि पेपर लीक के मुद्दे पर कांग्रेस का ‘छात्रों की गूंज’ अभियान कॉकरेच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन जितना प्रभावी नहीं रहा। उन्होंने मुंबई में एक कार्यक्रम के दौरान यह बात कही और सवाल उठाया कि क्या कांग्रेस छात्रों की नब्ज समझने में नाकाम रही। सीजेपी ने 20 जून से नीट-यूजी 2026 पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन शुरू किया था, जिसे देश का पहला जेन जी प्रदर्शन कहा गया। कांग्रेस के छात्र संगठन एनएसयूआई ने भी 12 मई को दिल्ली में प्रदर्शन किया था, और राहुल गांधी ने 17 जून को ‘छात्रों की गूंज’ अभियान शुरू किया था।
प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा-2025 में दस्तावेज सत्यापन के दौरान स्कूल शिक्षा विभाग के नियमों को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया है। कर्मचारी चयन मंडल की मूल अधिसूचना में डीएलएड और बीएलएड के अंतिम वर्ष के छात्रों को आवेदन की अनुमति थी, बशर्ते उनके दस्तावेज सत्यापन के समय उपलब्ध हों। हजारों छात्रों ने आवेदन किया और 800 का चयन भी हुआ। अब विभाग आवेदन की अंतिम तिथि तक डिग्री पूरी होने की मांग कर रहा है, जिससे कई अभ्यर्थी बाहर हो रहे हैं। अभ्यर्थी इसे नियमों के विपरीत मानकर न्यायालय जाने और प्रदर्शन करने की तैयारी में हैं।
देवास में उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा के दौरे के दौरान बीसाखेड़ी मॉडल स्कूल के छात्रों ने अपनी जर्जर सड़क की समस्या उठाई। उन्होंने जलोदिया और ढाबला के बीच डेढ़ किलोमीटर सड़क और पुल निर्माण की मांग की, साथ ही ग्राम सचिव पर धमकाने का आरोप भी लगाया। उपमुख्यमंत्री ने सड़क और पुल के निर्माण तथा मामले में कार्रवाई का आश्वासन दिया। सोनकच्छ विधायक राजेश सोनकर ने भी छात्रों से मिलकर समस्या के शीघ्र समाधान का भरोसा दिया और सड़क निर्माण जल्द शुरू कराने का प्रयास करने की बात कही।