इंदौर में दोस्तों ने मुश्किल वक्त में एक-दूसरे का साथ देकर दोस्ती की नई मिसालें पेश की हैं। आदित्य शर्मा का स्टार्टअप घाटे में जाने पर बचपन के दोस्त राहुल वर्मा ने पीएफ से पैसे निकालकर मदद की। मनीष ठाकुर की इंजीनियरिंग फीस संदीप चौहान ने भरी, जब उनके परिवार की आर्थिक स्थिति खराब हुई। निखिल जैन और विवेक मोदी ने अपनी नौकरी छोड़कर साथ में स्टार्टअप शुरू किया और दस साल से सफल हैं। वहीं, नेहा यादव और पूजा सोनी ने कॉलेज के बाद एक एनजीओ की शुरुआत कर जरूरतमंदों की मदद की है, जो सात वर्षों से जारी है।
कानपुर में 23 वर्षीय आनंद कुमार ने सरकारी नौकरी न मिलने के दबाव में आत्महत्या कर ली। 2024 में बीटेक में प्रदेश में तीसरा स्थान प्राप्त कर गोल्ड मेडल विजेता रहे आनंद ने 50 बार सरकारी नौकरी के लिए प्रयास किए थे। उन्होंने एक सुसाइड नोट छोड़ा, जिसमें परिवार से माफी मांगी। उनके परिजन बड़े बेटे की शादी तय करने बिहार गए हुए थे। पुलिस ने दरवाजा तोड़कर आनंद का शव फंदे पर लटका पाया। इसके अतिरिक्त, सीकर में नीट परीक्षा से पहले 22 वर्षीय छात्र उमेश माली ने और लखनऊ में एक 5 वर्षीय बच्चे को मॉनिटर द्वारा पीटे जाने की घटना भी सामने आई है।