केंद्रीय संसदीय मंत्री किरेन रिजिजू ने मंगलवार को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर निशाना साधा। रिजिजू ने आरोप लगाया कि जब गृह मंत्री अमित शाह छात्र प्रदर्शनों और पुलिस कार्रवाई से जुड़े उनके सवालों का जवाब देने को तैयार हैं, तो राहुल गांधी संसद से भाग रहे हैं। यह टिप्पणी हालिया हंगामे के बीच आई है। इससे पहले राहुल गांधी ने अमित शाह पर संसद में सामने आने का साहस न होने का आरोप लगाया था। सरकार ने छात्र विरोध प्रदर्शनों पर संसद में चर्चा के लिए सहमति दे दी है और अमित शाह विपक्ष के सवालों के जवाब देंगे।
संसद के मानसून सत्र का 15वां दिन था, जिसमें लोकसभा ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास (संशोधन) विधेयक, 2026 पारित किया। सत्र के तीन हफ्तों से सरकार और विपक्ष के बीच गतिरोध जारी है, जिससे दोनों सदनों की कार्यवाही बाधित हुई है। राज्यसभा अध्यक्ष ने भारत छोड़ो आंदोलन की 84वीं वर्षगांठ मनाई। कांग्रेस सांसदों ने दिल्ली में सिद्धिविनायक मंदिर घोटाले पर विरोध प्रदर्शन किया और गृह मंत्री से संसद में बयान देने की मांग की। इसके अतिरिक्त, लोकसभा में जंतर-मंतर पर छात्र प्रदर्शन पर पुलिस कार्रवाई और कड़े दल-बदल विरोधी कानून पर चर्चा के लिए स्थगन प्रस्ताव दिए गए।
खंडवा शहर के सीनियर संयुक्त परियोजना बालक छात्रावास में भोजन की गुणवत्ता को लेकर छात्रों में आक्रोश देखा गया। शुक्रवार को भोजन में इल्ली मिलने के बाद 30 से अधिक छात्र भोजन की थालियां लेकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। छात्रों ने आरोप लगाया कि लंबे समय से घटिया भोजन परोसा जा रहा है और शिकायत के बावजूद सुधार नहीं हुआ। अधिकारियों ने जांच और कार्रवाई का आश्वासन दिया। इससे पहले अवलिया कन्या छात्रावास में 25 छात्राओं की तबीयत बिगड़ी थी। इंदौर में भी दूषित खाने से 20 से अधिक छात्राएं बीमार हुई थीं, जिनमें लिवर तक संक्रमण पहुंचा था।
नीमच में युवक कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के पोस्टर पर आपत्तिजनक स्टिकर लगाकर छात्र आंदोलन में ‘अमानवीय’ कार्रवाई का विरोध जताया। भाजपा ने इसे राजनीतिक गिरावट बताते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। युवक कांग्रेस जिलाध्यक्ष मनमोहन सिंह बांगरेड़ ने इसकी जिम्मेदारी लेते हुए कहा कि पेपर लीक मामले में छात्रों पर बल प्रयोग किया गया। भाजपा जिलाध्यक्ष वंदना खंडेलवाल ने इसे कांग्रेसियों का ‘घिनौना कार्य’ बताया और कहा कि जंतर मंतर पर असामाजिक तत्व घुस आए थे।
संसद के मानसून सत्र के अंतिम चरण में सरकार और विपक्ष आमने-सामने हैं। सरकार सोमवार को चार अहम विधेयक, जिनमें सुप्रीम कोर्ट न्यायाधीश संख्या, एमएसएमई, आईएसआई और बैंकर बही साक्ष्य संशोधन विधेयक शामिल हैं, पेश करने की तैयारी में है। वहीं, कांग्रेस सहित विपक्षी दल राम मंदिर दान विवाद और दिल्ली में छात्र प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई के मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति पर अड़े हुए हैं। संसद में लगातार हंगामे के बावजूद सरकार 13 अगस्त को सत्र समाप्त होने से पहले सभी प्रमुख विधायी कार्य पूरे करने पर कायम है।
सुप्रीम कोर्ट ने नीट पेपर लीक मामले पर छात्र आंदोलनों में पुलिस ज्यादती के आरोपों पर अंतरिम आदेश दिया। अदालत ने 18 वर्ष से कम उम्र के आपराधिक रिकॉर्ड रहित छात्र प्रदर्शनकारियों की रिहाई और पात्र छात्रों के खिलाफ जबरन कार्रवाई रोकने का निर्देश दिया। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की पीठ ने आरोपों की स्वतंत्र जांच की आवश्यकता पर जोर दिया और भविष्य में एसआईटी गठन पर विचार करने की बात कही। कोर्ट ने राज्यों को प्रदर्शनों से जुड़े सभी डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित रखने को कहा। राहत केवल आपराधिक रिकॉर्ड रहित प्रदर्शनकारियों पर लागू होगी।
विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बिहार में प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ एके-47 राइफल के इस्तेमाल के आरोपों को लेकर मोदी सरकार पर हमला बोला। उन्होंने मांग की कि छात्रों पर हमला करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी छात्रों से माफी मांगें। राहुल गांधी ने केंद्र सरकार को ‘झूठी’ और सुधार करने में अक्षम बताया। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि बिहार में छात्रों पर एके-47 से गोलियां चलाने और सैकड़ों को गिरफ्तार करने की खबरें हैं। बिहार में नीट पेपर लीक के विरोध में हुए प्रदर्शनों के दौरान हिंसा हुई और तेजस्वी यादव ने पुलिस पर एके-47 चलाने का आरोप लगाया।
पर्यावरणविद सोनम वांगचुक ने बुधवार को केंद्रीय मंत्रियों को पत्र लिखकर अपना अनिश्चितकालीन अनशन समाप्त करने की शर्त रखी। उन्होंने मांग की कि छात्र आंदोलन में शामिल युवाओं के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाए। वांगचुक ने यह भी उल्लेख किया कि मंत्रियों ने परीक्षा प्रश्नपत्र लीक के बाद मुआवजे, संसद में चर्चा और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर विचार करने का आश्वासन दिया है। उन्होंने ‘संसद चलो’ मार्च को शांतिपूर्ण बताया और उम्मीद जताई कि प्रदर्शनकारियों पर कानूनी कार्रवाई नहीं होगी। वांगचुक ने कहा कि वह जीना चाहते हैं, लेकिन उन युवाओं की कीमत पर नहीं जिनके लिए आंदोलन शुरू हुआ।
इंदौर में राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) पेपर लीक प्रकरण को लेकर भंवरकुआं चौराहे पर अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन जारी है। इसमें छात्र, शिक्षक, अभिभावक और आम नागरिक शामिल हैं। प्रदर्शनकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग कर रहे हैं। दिल्ली में अनशन पर बैठे पर्यावरणविद सोनम वांगचुक को पुलिस द्वारा अस्पताल ले जाने और छात्रों पर हुए लाठीचार्ज का भी विरोध किया गया। आंदोलन के नेताओं ने इसे गैर-राजनीतिक और संवैधानिक बताया, जिसका उद्देश्य लाखों छात्रों का भविष्य और प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करना है।