देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ एजुकेशन के एमएड तीसरे सेमेस्टर के छात्रों ने असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. परीनीता रत्नपारखी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। छात्रों का कहना है कि शिक्षिका ने एजुकेशन एडमिनिस्ट्रेशन विषय की कक्षाएं नहीं लीं, जिससे पाठ्यक्रम अधूरा रह गया, फिर भी उन्हें परीक्षा के लिए मजबूर किया गया। परीक्षा न देने पर छात्रों को फेल कर दिया गया। विद्यार्थियों ने कुलगुरु डॉ. राकेश सिंघई और कुलसचिव प्रज्वल खरे से शिकायत कर निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका दावा है कि इस विवाद से उनके यूजीसी-नेट और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी पर नकारात्मक असर पड़ रहा है।
मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान बुधवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर जोरदार हंगामा हुआ। कांग्रेस विधायकों ने नीट परीक्षा और शिक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर हाथों में तख्तियां और काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन किया। सदन की कार्यवाही प्रभावित हुई, जिस पर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर जवाबदेही से बचने का आरोप लगाया, जबकि सत्ता पक्ष ने इसे राजनीतिक बताया। दिल्ली के जंतर मंतर लाठीचार्ज और कैलाश विजयवर्गीय पर युवाओं को ‘कीड़ा’ कहने के आरोपों को लेकर भी हंगामा हुआ, जिसके बाद सदन की कार्यवाही 10 मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी।