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जेपीएससी-जेएसएससी अभ्यर्थियों के धरनास्थल पर आधी रात पहुंचे भाजपा नेता, पुलिस पर छात्रों को हटाने की तैयारी का आरोप

झारखंड में जेपीएससी-जेएसएससी अभ्यर्थियों के प्रदर्शन स्थल पर आधी रात भाजपा नेता पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन रात के अंधेरे में छात्रों को हटाने की तैयारी कर रहा था, जिसे पुलिस ने खारिज किया। भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष भानु प्रताप शाही, विधायक राज सिन्हा और नेता प्रतुल सहदेव ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए और छात्रों को नैतिक समर्थन देने की बात कही। छात्रों ने पुलिस पर आंदोलन कमजोर करने का आरोप लगाया। रांची सिटी एसपी पारस राणा ने स्पष्ट किया कि पुलिस हिरासत में लेने नहीं, बल्कि सुरक्षा जांच और पहचान पुष्टि के लिए पहुंची थी, क्योंकि पहले पथराव की घटना हुई थी।

झारखंड में जेपीएससी-जेएसएससी छात्र आज करेंगे विधानसभा घेराव, रांची में सुरक्षा बढ़ी

झारखंड में जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी के खिलाफ छात्रों का आंदोलन 16वें दिन भी जारी है। सरकार से बातचीत बेनतीजा रहने के बाद छात्र विधानसभा घेराव करेंगे, जिसके मद्देनजर रांची में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और बैरिकेडिंग की गई है। एफबीआई निदेशक काश पटेल के अक्टूबर में रूस दौरे की खबर ने भी हलचल बढ़ा दी है, जहां संभावित ‘लेन-देन’ की अटकलें हैं। कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर सड़क धंसने और बिजनौर में तेंदुओं की बढ़ती संख्या भी प्रमुख खबरें हैं। पश्चिम एशिया में ईरान-अमेरिका-इजरायल संघर्ष 163वें दिन जारी है।

भोपाल में स्कूल बस न रुकने से नाराज छात्रों ने कुल्होर चौराहे पर बस रोकी

भोपाल में शासकीय सांदीपनि ठाकुर लाल सिंह उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के छात्रों ने कुल्होर चौराहे पर एक बस को रोककर प्रदर्शन किया। यह विरोध बस के निर्धारित स्टॉप पर रोजाना न रुकने के कारण हुआ, जिससे छात्रों को आवागमन में परेशानी हो रही थी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा इसी विद्यालय के लोकार्पण के कुछ ही दिनों बाद यह घटना हुई, जहां उन्होंने नई पीढ़ी को ‘जेन-अल्फा’ बताया था। प्रदर्शन की सूचना पर प्राचार्य मौके पर पहुंचे और बस संचालन में सुधार का आश्वासन दिया, जिसके बाद प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से समाप्त हो गया।

धर्मेंद्र प्रधान ने छात्र आंदोलन के पहले दिन ही दिया था त्यागपत्र का प्रस्ताव: कैलाश विजयवर्गीय

भाजपा नेता कैलाश विजयवर्गीय ने पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के त्यागपत्र पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने बताया कि छात्र आंदोलन के पहले ही दिन प्रधान ने अपना त्यागपत्र पार्टी को सौंपा था, जिसे भाजपा ने पहले अस्वीकार कर दिया था, लेकिन बाद में बदलती परिस्थितियों के कारण स्वीकार कर लिया। विजयवर्गीय ने इसे अनुशासित कार्यकर्ता की पहचान बताया और दावा किया कि प्रधान का त्यागपत्र उन ताकतों की साजिश को विफल करने वाला कदम था, जो छात्र आंदोलन के जरिए देश में अस्थिरता फैलाना चाहती थीं। उन्होंने कांग्रेस पर आंदोलन को राजनीतिक रंग देने का भी आरोप लगाया।

इंदौर में छात्र आंदोलन पर पुलिस की सख्ती बढ़ी, भोजन-पानी देने वालों से पूछताछ

इंदौर के भंवरकुआं चौराहे पर छात्रों के आंदोलन पर पुलिस की सख्ती बढ़ गई है, जहां प्रदर्शनकारियों को भोजन और पानी पहुंचाने वाले युवकों से पूछताछ की जा रही है। इस कार्रवाई के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि शांतिपूर्ण आंदोलन को दबाने का प्रयास न किया जाए। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने छात्रों से मुलाकात की, जिन्होंने पुलिस उत्पीड़न के आरोप लगाए। दिग्विजय सिंह ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग दोहराई और छात्रों के प्रति मानवीय व्यवहार का आग्रह किया।

एमएड विद्यार्थियों ने असिस्टेंट प्रोफेसर पर कक्षाएं न लेने और परीक्षा दबाव का आरोप लगाया

देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ एजुकेशन के एमएड तीसरे सेमेस्टर के छात्रों ने असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. परीनीता रत्नपारखी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। छात्रों का कहना है कि शिक्षिका ने एजुकेशन एडमिनिस्ट्रेशन विषय की कक्षाएं नहीं लीं, जिससे पाठ्यक्रम अधूरा रह गया, फिर भी उन्हें परीक्षा के लिए मजबूर किया गया। परीक्षा न देने पर छात्रों को फेल कर दिया गया। विद्यार्थियों ने कुलगुरु डॉ. राकेश सिंघई और कुलसचिव प्रज्वल खरे से शिकायत कर निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका दावा है कि इस विवाद से उनके यूजीसी-नेट और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी पर नकारात्मक असर पड़ रहा है।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर मध्य प्रदेश विधानसभा में हंगामा

मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान बुधवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर जोरदार हंगामा हुआ। कांग्रेस विधायकों ने नीट परीक्षा और शिक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर हाथों में तख्तियां और काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन किया। सदन की कार्यवाही प्रभावित हुई, जिस पर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर जवाबदेही से बचने का आरोप लगाया, जबकि सत्ता पक्ष ने इसे राजनीतिक बताया। दिल्ली के जंतर मंतर लाठीचार्ज और कैलाश विजयवर्गीय पर युवाओं को ‘कीड़ा’ कहने के आरोपों को लेकर भी हंगामा हुआ, जिसके बाद सदन की कार्यवाही 10 मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी।