मंडला और डिंडौरी जिलों में भारी बारिश के कारण रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय की स्नातक परीक्षाओं में कई परीक्षार्थी शामिल नहीं हो पाए। सड़क और पुल-पुलियों पर पानी भरने से आवागमन बाधित हुआ, जिससे लगभग 20 परीक्षा केंद्रों पर छात्र समय पर नहीं पहुंच सके। विश्वविद्यालय प्रशासन ने प्रभावित केंद्रों से अनुपस्थिति और परीक्षा छूटने के कारणों की रिपोर्ट मांगी है, जिसके बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। अमरपुर-समनापुर मार्ग बंद होने से छात्रों को सर्वाधिक परेशानी हुई।
मल्हारगढ़ में सांदीपनि सीएम राइज स्कूल के अनुसूचित जाति सीनियर बालक छात्रावास के लगभग 30 छात्रों को प्रतिदिन 3 किलोमीटर पैदल चलकर स्कूल जाना पड़ता है, क्योंकि स्कूल बसें उनके छात्रावास के सामने से निकलने के बावजूद उन्हें नहीं बैठातीं। इससे छात्रों के दो घंटे बर्बाद होते हैं और उनकी पढ़ाई प्रभावित होती है। छात्रों को बारिश में भीगने, पुस्तकों के खराब होने और सड़क दुर्घटनाओं का डर बना रहता है। प्राचार्य अशोक वाघेला ने स्वीकार किया कि बसों में जगह की कमी है और एक-दो दिन में नई बस की व्यवस्था का आश्वासन दिया है। कांग्रेस ने इसे छात्रों के साथ अन्याय बताया है।
इंदौर कलेक्टर कार्यालय में जनसुनवाई के दौरान स्काउट गाइड की दो छात्राएं सवा दो घंटे तक खड़ी रहीं, जबकि अधिकारी बैठे रहे। कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देश के बाद भी उन्हें कुर्सी नहीं मिली। गाइड कैप्टन ने भविष्य में छोटी बच्चियों को न लाने की बात कही। वहीं, देवगुराड़िया से कंपेल मार्ग पर सिटी बस सेवा बहाल करने की मांग को लेकर छात्र-छात्राएं भी जनसुनवाई में पहुंचे। उन्होंने बताया कि निजी बसों का अधिक किराया और भीड़ उनकी पढ़ाई को प्रभावित कर रही है।