उत्तर प्रदेश के पूर्व डीजीपी विक्रम सिंह ने गुजरात के सूरत में जंतर-मंतर विरोध-प्रदर्शनों पर बयान दिया। उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 19 के तहत शांतिपूर्ण प्रदर्शन को नागरिक अधिकार बताया। हालांकि, उन्होंने प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा और कानून-व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति पर सवाल उठाए। विक्रम सिंह ने झारखंड के युवाओं के आंदोलन का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां गरिमा और मर्यादा के साथ शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन हुआ था। उन्होंने यह भी कहा कि यदि जंतर-मंतर पर भी ऐसा ही शांतिपूर्ण विरोध होता, तो स्थिति अलग होती।
विपक्षी दलों ने संसद के मानसून सत्र के लिए अपनी रणनीति तेज कर दी है। दोनों सदनों के विपक्षी फ्लोर लीडर्स राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष के चैंबर में बैठक करेंगे, जिसका उद्देश्य सत्र के शेष दिनों के लिए सदन के भीतर और बाहर की रणनीति तैयार करना है। बैठक के तुरंत बाद, विपक्षी सांसद संसद भवन के मकर द्वार पर विरोध प्रदर्शन करेंगे। विपक्ष 20 जुलाई की पुलिस कार्रवाई और राम मंदिर चंदा घोटाला विवाद जैसे मुद्दों पर सरकार को घेर रहा है। लोकसभा में आज कई विधेयक प्रस्तुत किए जाएंगे, जबकि सरकार 12 अगस्त को FCRA संशोधन विधेयक पर चर्चा करा सकती है।
छत्रपति संभाजीनगर में सीजेपी की कोर कमेटी की बैठक में यह निर्णय लिया गया कि संगठन राजनीतिक दल के रूप में नहीं, बल्कि जन दबाव समूह के तौर पर कार्य करेगा। संस्थापक अभिजीत दीपके ने लोकतांत्रिक संस्थाओं में घटते जनविश्वास को बहाल करने के लिए जनआंदोलन की आवश्यकता पर बल दिया। दिल्ली के जंतर-मंतर आंदोलन की सफलता के बाद, दो दिवसीय बैठक में देशभर के युवाओं के मुद्दों पर अगली रणनीति पर चर्चा हुई। संगठन का अगला फोकस छात्रों के मुद्दों के साथ-साथ इथेनॉल मिश्रित ई-20 पेट्रोल का विरोध हो सकता है। सीजेपी बृहस्पतिवार को अपनी अगली रणनीति का खुलासा करेगा।
जंतर-मंतर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ टिप्पणी करने के बाद चर्चा में आई 15 वर्षीय छात्रा ने अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। छात्रा का कहना है कि उसका मोबाइल नंबर सोशल मीडिया पर सार्वजनिक कर दिया गया है, जिसके बाद उसे लगातार दुष्कर्म और जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं। उसने पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए हैं, आरोप है कि उसे ऐसे तलाश किया जा रहा है जैसे उसने कोई गंभीर अपराध किया हो। छात्रा ने पहले ही सार्वजनिक रूप से माफी मांगी थी और अब इस मामले में राहत की अपील की है।
गोवंश अखाड़ा के गोविंद देव ‘ब्रह्म’ ने दिल्ली के जंतर मंतर पर हुए कॉकरोच जनता पार्टी के नीट पेपर लीक आंदोलन पर ‘द एक्सीडेंटल कॉकरोच पार्टी’ नामक फिल्म बनाने की घोषणा की है। जयपुर में की गई इस घोषणा के अनुसार, फिल्म आंदोलन के पीछे की उन परतों और कथित राजनीतिक साजिशों को उजागर करेगी जो आम लोगों के सामने नहीं आ सकीं। गोविंद देव ‘ब्रह्म’ ने छात्रों की मांगों को जायज ठहराया, लेकिन आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने इस असली मुद्दे का इस्तेमाल अपने राजनीतिक उद्देश्यों के लिए किया। उन्होंने फिल्म की स्क्रिप्ट लिखने की बात कही है।
जंतर-मंतर पर चले 36 दिन के आंदोलन और संसद मार्च के दौरान दर्ज एफआईआर को लेकर दिल्ली पुलिस ने स्पष्टीकरण दिया है। केवल पुलिस या राज्य की ओर से दर्ज मामले ही वापस लिए जाएंगे, जबकि निजी शिकायतों पर कार्रवाई जारी रहेगी। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट से ट्रंप प्रशासन ने मेल-इन वोटिंग प्रणाली में बदलाव की अनुमति मांगी है। मोहनलालगंज में धर्मांतरण गिरोह का पर्दाफाश हुआ है, और कर्नाटक हाई कोर्ट ने भाजपा एमएलसी सी.टी. रवि के खिलाफ नीट पेपर लीक मामले में सख्त कार्रवाई पर रोक लगा दी है। अलीगढ़ में जूड़ो प्रतियोगिता, अवैध कॉलोनियों पर कार्रवाई और घेवर के बढ़ते कारोबार की खबरें भी सामने आई हैं।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रही कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने सरकार के बातचीत के प्रस्ताव को ठुकरा दिया है। सरकार ने दावा किया कि उसने चार बार औपचारिक प्रस्ताव भेजे हैं और किसी भी समय, किसी भी स्थान पर चर्चा के लिए तैयार है। यह गतिरोध पेपर लीक मामलों और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर है। इस बीच, 25 दिनों से अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक ने नरम रुख दिखाते हुए कहा कि यदि युवाओं पर दर्ज मुकदमे वापस लिए जाते हैं, तो वह आंदोलन स्थगित कर बातचीत शुरू करने की अपील करेंगे।
दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी और विभिन्न राजनीतिक दलों के विरोध-प्रदर्शनों के चलते केंद्र सरकार ने सीआरपीएफ और आरएएफ की 24 अतिरिक्त कंपनियों को तैनात किया है। ये बल दिल्ली पुलिस के साथ मिलकर कानून व्यवस्था संभालेंगे और सरकार ने प्रदर्शनकारियों से सख्ती से निपटने का संकेत दिया है। बुधवार को नई दिल्ली में 16 मेट्रो स्टेशन बंद किए गए। जंतर मंतर पर हिंसक झड़पें हुई हैं। राहुल गांधी समेत कांग्रेस सांसदों ने पीएम आवास के बाहर धरना दिया, जिसके बाद सुरक्षा बढ़ाई गई।
नीट पेपर लीक के बाद सोशल मीडिया पर शुरू हुई कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) मुहिम चार हफ्ते से अधिक समय से सुर्खियों में है। दिल्ली में सीजेपी के शांतिपूर्ण संसद मार्च पर पुलिस बल प्रयोग हुआ, जिसके बाद राहुल गांधी के नेतृत्व में भी प्रदर्शन हुए। विपक्ष सरकार पर जिम्मेदारी से भागने का आरोप लगाते हुए प्रधानमंत्री आवास तक पहुंचा। महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने जंतर-मंतर पर सीजेपी आंदोलन को समर्थन दिया। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने भी प्रतिक्रिया दी।
अभिनेता नसीरुद्दीन शाह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें दावा किया गया कि वे दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र प्रदर्शन का समर्थन करने पहुंचे थे। हालांकि, टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, यह वीडियो मुंबई के कोलाबा स्थित रीगल सिनेमा के बाहर का है, जिसे इंस्टाग्राम यूजर राजेश गौर ने 15 जुलाई को पोस्ट किया था। वीडियो में सिनेमा हॉल का दृश्य भी था, जिसे वायरल क्लिप से हटा दिया गया था। नसीरुद्दीन शाह ने भले ही जंतर-मंतर प्रदर्शन में भाग नहीं लिया, लेकिन उन्होंने सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल का समर्थन किया था।