मध्यप्रदेश में ग्रामीण पर्यटन ग्रामीणों की आजीविका का एक प्रमुख स्रोत बन गया है। चालू वित्तीय वर्ष में 98 गांवों में होम-स्टे संचालकों ने 6.76 करोड़ रुपये कमाए हैं, जहां 34 हजार पर्यटक रुक चुके हैं। पारंपरिक खान-पान, स्थानीय लोक-नृत्य और बैलगाड़ी की सैर जैसे अनुभव पर्यटकों को आकर्षित कर रहे हैं। सरकार 1,000 नए होम-स्टे विकसित करने और 100 गांवों को जोड़ने की योजना पर काम कर रही है। गणेश उइके का ‘ताप्ती विहार होम-स्टे’ और चिमटीपुर का ‘आंकला होम-स्टे’ सफलता के उदाहरण हैं। ऑनलाइन बुकिंग और सौर ऊर्जा कवरेज पर भी कार्य जारी है।