बैतूल जिला अस्पताल में 84.98 लाख रुपये की लागत से निर्मित 30 बिस्तरों का विश्रामालय लोकार्पण के तीन माह बाद भी बंद है। मई में जनप्रतिनिधियों द्वारा लोकार्पित यह भवन मरीजों के स्वजन के लिए बनाया गया था, लेकिन संचालन प्रक्रिया स्पष्ट न होने के कारण इसका उपयोग शुरू नहीं हो पाया है। दूरदराज से आने वाले मरीजों के परिजन ठहरने की समस्या से जूझ रहे हैं और अस्पताल के बरामदों या फर्श पर रात बिताने को मजबूर हैं। आरएमओ डॉ. रानू वर्मा के अनुसार, संचालन के दिशा-निर्देशों का इंतजार है और कलेक्टर से मार्गदर्शन मांगा गया है।
ग्वालियर नगर निगम परिषद की विशेष बैठक आज दोपहर 3 बजे जल विहार स्थित परिषद सभागार में नगर निगम परिषद अध्यक्ष मनोज सिंह तोमर की अध्यक्षता में होगी। शहर के विकास और निगम प्रशासन से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर निर्णय लिए जाने की संभावना है। पिछली बैठक अधिकारियों की अनुपस्थिति के कारण स्थगित कर दी गई थी। इस बार स्मार्ट सिटी परियोजनाओं, सड़कों की स्थिति, निविदा प्रकरणों और श्मशान घाटों से संबंधित प्रस्तावों पर चर्चा होगी। प्रशासन और जनप्रतिनिधियों दोनों के लिए यह बैठक महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
रीवा की ऐतिहासिक कोल गढ़ी के जीर्णोद्धार में करोड़ों रुपये का भ्रष्टाचार सामने आया है। पहली ही बरसात में गढ़ी की नई बनी बाउंड्री वॉल ढह गई, जिससे घटिया निर्माण की पोल खुल गई। स्थानीय लोगों और भाजपा के पूर्व विधायक श्याम लाल द्विवेदी ने ठेकेदार पर घटिया सामग्री के उपयोग का आरोप लगाया है। पूर्व विधायक ने एक माह पहले ही रीवा कलेक्टर को पत्र लिखकर तकनीकी जांच की मांग की थी, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर इसे गंभीरता से नहीं लिया गया। घटना के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश है और पूर्व विधायक ने थर्ड पार्टी जांच तथा दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
भोपाल के नांदनी गांव में विकास के दावों की पोल खुल गई, जहां एक महिला के शव की अंतिम यात्रा घुटनों तक कीचड़ भरे रास्ते से निकालनी पड़ी। मुक्तिधाम तक सड़क न होने के कारण ग्रामीणों को कंधों पर शव ले जाना पड़ा। ग्रामीणों का आरोप है कि वर्षों से शिकायतें करने के बावजूद पंचायत और जनप्रतिनिधियों ने समस्या का समाधान नहीं किया। सरपंच को मौके पर बुलाने के बावजूद कोई ठोस पहल नहीं हुई। मुक्तिधाम के वैकल्पिक रास्ते पर भी अतिक्रमण है, जिसके कारण ग्रामीणों को कीचड़ भरे रास्ते का उपयोग करना पड़ा।
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने निर्वाचित प्रतिनिधियों को विनम्र लोक सेवक के रूप में कार्य करने, जनसेवा और नागरिकों की शिकायतों के त्वरित समाधान को प्राथमिकता देने की सलाह दी। उन्होंने सतत शहरी विकास और पर्यावरण संरक्षण पर भी जोर दिया। एक अलग घटना में, ठाणे में एक निर्माण स्थल पर सीमेंट मिक्सर में साड़ी फंसने से 58 वर्षीय श्रमिक रेवती पाडू गौड़ की मौत हो गई। इसके अतिरिक्त, कल्याण-डोंबिवली में स्वाइन फ्लू (H1N1) के दो मामले सामने आए, जिनके मरीज स्थिर हैं। स्वास्थ्य अधिकारियों ने निवासियों को निवारक उपाय अपनाने और स्थानीय स्वास्थ्य केंद्रों पर जाने की सलाह दी।
भोपाल के गौतम नगर में रविवार को संयुक्त रहवासी संघ के बैनर तले ‘सिटीजन वॉक’ का आयोजन किया गया, जिसमें आवासीय क्षेत्रों में संचालित व्यावसायिक गतिविधियों का विरोध किया गया। रचना नगर, शाहपुरा और अरेरा कॉलोनी सहित कई क्षेत्रों के नागरिक अवैध निर्माण हटाने और व्यवसाय बंद कराने की मांग को लेकर सड़क पर उतरे। प्रदर्शनकारियों ने नगर निगम की 38 कारोबारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई को अपर्याप्त बताया। उन्होंने संकल्प लिया कि अवैध कारोबार का समर्थन करने वाले जनप्रतिनिधियों का आगामी चुनाव में विरोध किया जाएगा।
इंदौर स्थित विशेष न्यायालय (एमपी-एमएलए) ने आगर-मालवा के बड़ौद थाना क्षेत्र में शासकीय कार्य में बाधा और पुलिसकर्मियों को धमकाने के मामले में पूर्व विधायक विपिन वानखेड़े सहित आठ आरोपितों को दोषमुक्त कर दिया। न्यायालय ने अपने निर्णय में स्पष्ट किया कि पुलिस अधिकारियों से केवल बहस या तर्क-वितर्क करना शासकीय कार्य में बाधा का अपराध नहीं है, जब तक कि लोक सेवक पर हमला या आपराधिक बल का प्रयोग सिद्ध न हो। 23 नवंबर 2020 को दर्ज इस मामले में, अदालत ने साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज का परीक्षण किया, जिसमें धक्का-मुक्की का कोई स्पष्ट प्रमाण नहीं मिला।