ग्वालियर जिले में ‘मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान’ का शुभारंभ हुआ, जिसमें जिला स्तर से 60 अधिकारियों ने घाटीगांव विकासखंड के विभिन्न गांवों में 114 सरकारी संस्थाओं का निरीक्षण किया। शिविर में लगभग 150 समस्याएँ दर्ज की गईं, जिनमें से अधिकांश का मौके पर ही निराकरण किया गया। मेडिकल बोर्ड द्वारा दिव्यांग प्रमाण-पत्र बनाए गए, और विभिन्न योजनाओं के तहत हितलाभ वितरित किए गए। पुलिस ने सीएम हेल्पलाईन की 47 शिकायतों का निराकरण किया। सीईओ ने विद्यालयों का निरीक्षण किया और सहरिया परिवारों की बकरियों की मांग पर सुविधाएँ उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।
मध्य प्रदेश की डॉ. मोहन सरकार ने जन समस्याओं के त्वरित समाधान और सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए 7 अगस्त से ‘जन विश्वास अभियान’ शुरू करने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में यह अभियान हर शुक्रवार पूरे प्रदेश में संचालित होगा। इसके तहत मंत्री, जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी गांवों व शहरी वार्डों में पहुंचकर जनता से सीधा संवाद करेंगे, उनकी समस्याएं सुनेंगे और मौके पर समाधान का प्रयास करेंगे। लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने इसे सुशासन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। अभियान का उद्देश्य शासन को जनता के करीब लाना और प्रशासनिक जवाबदेही बढ़ाना है।
मध्य प्रदेश सरकार ने युवाओं और आमजनों की समस्याओं के त्वरित निदान हेतु ‘मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान’ की शुरुआत की घोषणा की है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कैबिनेट बैठक में बताया कि यह अभियान हर शुक्रवार को चलेगा, जिसमें मुख्यमंत्री, मंत्री, कलेक्टर और अन्य मैदानी अधिकारी फील्ड में जाकर सीधे लोगों की समस्याओं को सुनेंगे और उनका समाधान करेंगे। अभियान का उद्देश्य सरकार की योजनाओं की सीधी मॉनिटरिंग और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाना है। यह अभियान सात अगस्त से शुरू होकर अगले साल 8 जनवरी तक चलेगा, जिसमें 20 प्रमुख विषयों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में ग्रामीण विकास, कृषि और सामाजिक कल्याण की प्रगति समीक्षा के लिए एक उच्चस्तरीय बैठक की। उन्होंने कहा कि ‘विकसित भारत’ का सपना जन आंदोलन बनना चाहिए, जिसकी नींव युवा होंगे। पीएम ने मंत्रालयों को मिलकर काम करने और तय समय में लक्ष्य हासिल करने का निर्देश दिया। उन्होंने युवाओं में बढ़ती नशे की समस्या से निपटने के लिए संस्थागत व्यवस्था और मंत्रालयों के बीच समन्वय बढ़ाने पर जोर दिया। प्रधानमंत्री ने खेल विकास के लिए एकीकृत दृष्टिकोण अपनाने, खेल पर्यटन को बढ़ावा देने और भारत को वैश्विक खेल केंद्र बनाने का लक्ष्य रखने की बात कही।