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एम्स भोपाल ने एमडीआर-टीबी दवा प्रतिरोध जांच के लिए दो-दिवसीय टेस्ट विकसित किया

एम्स भोपाल के डॉक्टरों ने एमडीआर-टीबी के लिए एक नया जीनोटाइप एमटीबीडीआरएसएल टेस्ट विकसित किया है, जो दवा प्रतिरोध का पता सिर्फ दो दिन में लगा सकता है। पहले इसमें 4-6 सप्ताह लगते थे, जिससे अनुमान के आधार पर उपचार शुरू करने का जोखिम रहता था। इस टेस्ट से मरीजों को सही दवा के साथ जल्द इलाज मिल पाएगा। अध्ययन में 74 एमडीआर-टीबी मरीजों पर यह परीक्षण किया गया, जिसमें 19% में फ्लोरोक्विनोलोन दवा के प्रति प्रतिरोध पाया गया, जिसका कारण टीबी के कीटाणु के जीआर-ए जीन में बदलाव था। डॉ. आनंद कुमार मौर्य ने इस टेस्ट को सरकारी टीबी कार्यक्रम में शामिल करने की सिफारिश की है, जिससे गरीब मरीजों को भी लाभ मिल सके।

पीथमपुर में कैंटीन का भोजन खाने से 30 से अधिक श्रमिक बीमार, भिंडी की सब्जी में कनखजूरा मिलने का आरोप

धार जिले के पीथमपुर स्थित एक निजी कंपनी की कैंटीन में भोजन करने के बाद 30 से अधिक श्रमिक बीमार पड़ गए। श्रमिकों ने भिंडी की सब्जी में कनखजूरा मिलने का आरोप लगाया है। घटना रात करीब 10 बजे की है, जिसके बाद श्रमिकों को उल्टी और बेचैनी की शिकायत हुई। बीमार श्रमिकों को श्रीनाथ अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ से 4-5 गंभीर श्रमिकों को अन्य अस्पतालों में रेफर किया गया। स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ पार्षद विनोद सिंह चौहान ने कंपनी प्रबंधन और कैंटीन सुपरवाइजर पर लापरवाही का आरोप लगाया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

इंदौर में बारिश-नमी से बढ़े किडनी संक्रमण के मामले, अस्पतालों में मरीजों की भीड़

इंदौर में बारिश और नमी के कारण बैक्टीरिया तथा वायरस संक्रमण तेजी से बढ़ रहे हैं, जिससे किडनी संक्रमण के मामलों में भारी बढ़ोतरी हुई है। शासकीय सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में प्रतिदिन 40-50 मरीज किडनी संबंधी समस्याओं के लिए आ रहे हैं। दूषित पानी, उल्टी-दस्त और बिना डॉक्टरी सलाह के दवाओं का सेवन इस समस्या को बढ़ा रहा है। विशेषज्ञ स्वच्छ पानी पीने, बाहर का खाना टालने और लक्षणों को गंभीरता से लेने की सलाह दे रहे हैं ताकि संक्रमण को गंभीर होने से रोका जा सके।

ऑक्सीटोसिन दुरुपयोग पर हाई कोर्ट सख्त, राज्य सरकार से मांगा जवाब

ग्वालियर हाई कोर्ट ने फल, सब्जियों और पोल्ट्री उत्पादों में ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन के कथित दुरुपयोग पर सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने राज्य के स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रमुख सचिव से पूछा है कि इस दुरुपयोग को रोकने के लिए अब तक क्या ठोस कदम उठाए गए हैं और विस्तृत जवाब मांगा है। यह मामला 2013 के एक जनहित याचिका के निर्देशों का पालन न होने से संबंधित अवमानना याचिका से उभरा है, जिसमें ऑक्सीटोसिन की खुले बाजार में बिक्री पर रोक लगाने और केवल चिकित्सक के प्रिस्क्रिप्शन पर बिक्री का आदेश दिया गया था। अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद होगी।