दस साल की सजा पूरी करने के बाद एक एमबीबीएस छात्र ने अपनी मेडिकल पढ़ाई दोबारा शुरू करने की इच्छा जताई है। छात्र ने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय (डीएवीवी) से प्रथम प्रोफ की अंकसूची जारी करने और आगे की पढ़ाई की अनुमति मांगी थी। डीएवीवी ने एक समिति गठित की और छात्र को मध्यप्रदेश मेडिकल साइंस विश्वविद्यालय, जबलपुर भेजा। डीएवीवी ने छात्र की प्रथम प्रोफ की मार्कशीट जारी कर दी है। छात्र को 2013-14 में आपराधिक मामले में दोषी ठहराया गया था। उच्च न्यायालय के निर्देश पर उसने जेल में रहते हुए परीक्षा दी थी, जिसका परिणाम पहले रोका गया था।