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हाई कोर्ट ने दमोह स्लाटर हाउस प्रतिबंध चुनौती याचिका निरस्त की

जबलपुर हाई कोर्ट ने दमोह नगर पालिका द्वारा शहरी क्षेत्र में स्लाटर हाउस पर लगाए गए प्रतिबंध को चुनौती देने वाली जनहित याचिका निरस्त कर दी। कार्यवाहक मुख्य न्यायधीश विवेक रूसिया व न्यायमूर्ति प्रदीप मित्तल की युगलपीठ ने बताया कि इसी विषय से संबंधित याचिका पहले से हाई कोर्ट में लंबित है। कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को नई याचिका दाखिल करने के बजाय लंबित प्रकरण में हस्तक्षेप आवेदन प्रस्तुत करने की स्वतंत्रता दी। यह याचिका दमोह के कसाई मंडी क्षेत्र के निवासियों द्वारा दायर की गई थी, जिसमें नगर पालिका के 29 अप्रैल 2026 के प्रस्ताव को चुनौती दी गई थी।

हाई कोर्ट ने नरसिंहपुर पुलिस सिपाही से 16 साल बाद वेतन वसूली आदेश निरस्त किया

हाई कोर्ट ने नरसिंहपुर पुलिस के सिपाही हीरालाल यादव की याचिका पर सुनवाई करते हुए विभाग द्वारा 16 साल बाद जारी वेतन वसूली आदेश को निरस्त कर दिया है। विभाग ने वेतन निर्धारण में गलती बताकर अधिक भुगतान की राशि वसूलने का आदेश दिया था। न्यायमूर्ति विशाल धगट की एकलपीठ ने कहा कि वसूली से पूर्व कर्मचारी को सुनवाई का अवसर देना आवश्यक है। कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि यदि कोई राशि वसूल की गई है, तो उसे वापस किया जाए। याचिकाकर्ता को 1998 में बर्खास्त किया गया था और 2005 में बहाल किया गया था।

मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के खिलाफ याचिका पर सुनवाई पूरी, फैसला सुरक्षित

मध्य प्रदेश शासन के मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के खिलाफ चुनावी हलफनामे में संपत्ति छिपाने के आरोप में दायर याचिका पर जबलपुर हाई कोर्ट में सुनवाई पूरी हो गई है। कांग्रेस नेता राजकुमार धनोरा द्वारा दायर इस याचिका में आरोप है कि राजपूत ने चुनाव के दौरान करोड़ों की संपत्ति की जानकारी छिपाई थी, जिसके आधार पर चुनावी प्रक्रिया और निर्वाचन को चुनौती दी गई है। हाई कोर्ट ने इस मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। पूर्व में भी इसी तरह के आरोपों पर कांग्रेस प्रत्याशी नीरज शर्मा की याचिका खारिज हो चुकी है, जिसका प्रभाव मौजूदा याचिका पर पड़ने की संभावना है।

सुप्रीम कोर्ट ने सेवानिवृत्ति के आधार पर मुआवजा घटाना अस्वीकार किया, सड़क दुर्घटना पीड़ित परिवार को 72.06 लाख रुपये देने का आदेश

सुप्रीम कोर्ट ने सड़क दुर्घटना में जान गंवाने वाले मंडला के उद्यान अधिकारी विश्राम सिंह के परिवार को बड़ी राहत दी है। शीर्ष अदालत ने सेवानिवृत्ति के आधार पर मुआवजा घटाने को अनुचित मानते हुए मध्य प्रदेश हाई कोर्ट का 10 जुलाई 2024 का फैसला रद्द कर दिया। कोर्ट ने हाई कोर्ट द्वारा गणना की गई पूरी 72 लाख 6 हजार 186 रुपये की क्षतिपूर्ति राशि पीड़ित परिवार को देने का आदेश दिया है, जिस पर दावा याचिका दायर करने की तारीख से ब्याज भी देय होगा। दुर्घटना 7 मार्च 2018 को हुई थी।

सुरखी विधायक गोविंद सिंह के खिलाफ जनहित याचिका हाई कोर्ट ने खारिज की

जबलपुर हाई कोर्ट ने सुरखी विधानसभा क्षेत्र के विधायक गोविंद सिंह के विरुद्ध दायर जनहित याचिका को खारिज कर दिया है। यह याचिका चुनावी हलफनामे में संपत्ति की कथित गलत जानकारी देने और तथ्य छिपाने के आरोपों पर आधारित थी। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विवेक रूसिया व न्यायमूर्ति प्रदीप मित्तल की युगलपीठ ने स्पष्ट किया कि चुनाव संबंधी विवादों में सीधे रिट याचिका पोषणीय नहीं है। कोर्ट ने कहा कि चुनाव को चुनौती देने का वैधानिक माध्यम इलेक्शन पिटीशन है, जिसे चुनाव परिणाम घोषित होने के 45 दिन के भीतर दाखिल किया जा सकता है।

हाई कोर्ट ने लीगल सर्विसेज कमेटी सचिव से व्यक्तिगत हलफनामे के साथ मांगा जवाब

उच्च न्यायालय ने निश्शुल्क विधिक सहायता के तहत अधिवक्ता नियुक्ति प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं। न्यायमूर्ति विवेक अग्रवाल व न्यायमूर्ति अवनीन्द्र कुमार सिंह की युगलपीठ ने हाई कोर्ट लीगल सर्विसेज कमेटी, जबलपुर की सचिव से दो दिन के भीतर व्यक्तिगत हलफनामे के साथ जवाब मांगा है। यह तथ्य रायसेन निवासी सुजीत धाकड़ की आपराधिक अपील की सुनवाई के दौरान सामने आया, जहां निजी अधिवक्ता के सक्रिय होने के बावजूद लीगल एड के तहत दूसरा वकालतनामा जारी किया गया था। कोर्ट ने अपीलकर्ता की पात्रता और आवेदन पर भी स्पष्टीकरण मांगा है।

यूसीसी विधेयक पारित होने के बाद हाई कोर्ट से जनहित याचिका निरस्त

मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक पारित होने के बाद उससे संबंधित एक जनहित याचिका जबलपुर हाई कोर्ट से वापस ले ली गई। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विवेक रूसिया व न्यायमूर्ति प्रदीप मित्तल की युगलपीठ ने भोपाल नगर निगम के पूर्व पार्षद मेवा लाल की याचिका को निष्प्रभावी मानते हुए निरस्त कर दिया। याचिका में यूसीसी लागू करने से पहले राष्ट्रीय आयोगों से परामर्श न करने और आदिवासी अधिकारों व लिव-इन रिलेशनशिप के अनिवार्य पंजीयन पर आपत्ति जताई गई थी। कोर्ट ने कहा कि भविष्य में यूसीसी कानून की संवैधानिक वैधता को नई याचिका से चुनौती दी जा सकती है।

हाई कोर्ट ने 157 सरकारी वकीलों की नियुक्ति का रिकॉर्ड तलब किया

जबलपुर हाई कोर्ट ने महाधिवक्ता कार्यालय में 157 सरकारी वकीलों की नियुक्तियों को चुनौती देने वाली याचिका पर कड़ा रुख अपनाया है। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विवेक रूसिया और न्यायमूर्ति प्रदीप मित्तल की युगलपीठ ने महाधिवक्ता से पूरी चयन प्रक्रिया का रिकॉर्ड तलब किया है। कोर्ट ने चयन मानदंड और उम्मीदवारों के चयन के आधार पूछे हैं। मप्र हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के सह सचिव योगेश सोनी ने आरोप लगाया है कि 2013 की राजपत्र अधिसूचना में निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। मामले की अगली सुनवाई 10 अगस्त को होगी।