भोपाल का राजस्व विभाग नामांतरण, सीमांकन और बंटवारे जैसे मामलों के निराकरण में प्रदेश के सबसे खराब पांच जिलों में शामिल है। सीमांकन में राजधानी पूरे राज्य में सबसे निचले पायदान पर है, जिससे सैकड़ों मामले महीनों से लंबित हैं। तहसीलदार की गैरमौजूदगी और रिकॉर्ड में गड़बड़ी प्रमुख कारण हैं। सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों में भी राजस्व विभाग 30,403 लंबित मामलों के साथ पहले नंबर पर है। भोपाल कलेक्टर प्रियांक मिश्रा ने लंबित मामलों में कमी आने और आगे भी सुधार का आश्वासन दिया है।
विदिशा तहसील की ग्राम पंचायत कराखेड़ी में श्मशान घाट के अभाव में ग्रामीणों को अंतिम संस्कार में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हाल ही में, 80 वर्षीय ग्रामीण रघुवीर दांगी के निधन पर बारिश के दौरान ग्रामीणों को अस्थायी शेड बनाकर अंतिम संस्कार करना पड़ा। श्मशान घाट के लिए प्रस्तावित जमीन पर विवाद के कारण निर्माण कई सालों से अटका हुआ है। इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन हरकत में आया और तहसीलदार व सीईओ ने गांव का दौरा कर जांच के निर्देश दिए। यह समस्या केवल कराखेड़ी तक सीमित नहीं है, बल्कि जिले के 177 गांवों में शांतिधाम नहीं हैं, जबकि 237 गांवों में वे जर्जर हालत में हैं।
मुरैना के हटूपुरा गांव में सरकारी जमीन पर कब्जे को लेकर चचेरे भाइयों के बीच हुए विवाद में गोलीबारी हुई, जिसमें दो सगे भाइयों की मौके पर ही मौत हो गई। तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें ग्वालियर रेफर किया गया है। गोलीबारी करने वाला पक्ष घटना के बाद फरार हो गया। गांव में पहले भी विवाद सुलझाने के लिए पंचायत हुई थी, लेकिन एक पक्ष ने उसका फैसला मानने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद यह खूनी संघर्ष हुआ।
ग्वालियर के महाराजपुरा थाने में पुलिसकर्मियों से अभद्रता और झूमाझटकी करने के आरोप में सेवानिवृत्त फौजी एवं भाजपा सैनिक प्रकोष्ठ के सह-संयोजक अरविंद तोमर व उनके साथी पर एफआईआर दर्ज की गई है। तोमर एक सेवानिवृत्त फौजी की सिफारिश करने थाने पहुंचे थे। यह मामला ओम नगर में रवि गुर्जर और कप्तान सिंह गुर्जर के बीच हुए जमीन विवाद से जुड़ा है, जिसमें क्रॉस एफआईआर हुई थी। तोमर ने कप्तान सिंह के समर्थन में थाने में हंगामा किया। पुलिस ने सरकारी काम में बाधा डालने सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया है।
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की युगलपीठ ने राजनेता मेनका गांधी, उनकी बहन अंबिका शुक्ला और ममेरे भाई वीएन सिंह के बीच भोपाल स्थित पैतृक जमीन विवाद के मामले में अपना आदेश सुरक्षित रख लिया है। यह विवाद भोपाल की हुजूर तहसील के लाऊखेड़ी क्षेत्र में स्थित पैतृक संपत्ति के नामांतरण से संबंधित है। अंबिका शुक्ला और मेनका गांधी ने वीएन सिंह के खिलाफ अपील दायर करते हुए आरोप लगाया है कि उन्हें पक्षकार बनाए बिना ही नामांतरण संबंधी आदेश प्राप्त कर लिया गया था। एकलपीठ से राहत न मिलने के बाद उन्होंने युगलपीठ का रुख किया था।
ग्वालियर के महाराजपुरा थाना क्षेत्र में जमीन के पुराने विवाद को लेकर रवि गुर्जर और रिटायर्ड फौजी रामहेत सिंह तोमर तथा कप्तान सिंह तोमर के पक्षों के बीच भिड़ंत हो गई। विवाद में लाठी-डंडे चले और गोलियां दागी गईं। पुलिस जब दोनों पक्षों को थाने लेकर आई, तो वे थाना परिसर के अंदर ही आपस में भिड़ गए और मारपीट करने लगे। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायतों पर क्रॉस एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। रामहेत तोमर के समर्थन में लगभग 50 से अधिक पूर्व सैनिक थाने पहुंचे और पुलिस प्रशासन की ढीली कार्रवाई के खिलाफ नारेबाजी की।
मुरैना के कैलारस स्थित शक्कर कारखाने की 37.887 हेक्टेयर निजी जमीन, जिसका मूल्यांकन जिला पंजीयक व कलेक्टर ने 438.14 करोड़ रुपए किया था, उसे सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विभाग (MSME) को 60.92 करोड़ रुपए में बेच दिया गया। विशेषज्ञों और किसान संघ ने पुनर्जीवन का प्रस्ताव दिया था, जिससे एनसीडीसी से 5 हजार करोड़ का ऋण मिल सकता था, 30 हजार रोजगार सृजित होते और 1 लाख किसानों की आय दोगुनी होती। हालांकि, अधिकारियों ने विशेषज्ञ संस्थाओं की सिफारिशों को अनदेखा किया। इस सौदे पर अधिकारियों के तर्क और दस्तावेजों में विरोधाभास सामने आए हैं, जिस पर कई प्रश्न उठाए गए हैं।
उज्जैन जिले की खाचरौद तहसील के बेहलोला गांव में 18 जुलाई को एक दिव्यांग दंपती के साथ मारपीट हुई। एफआईआर दर्ज होने के बावजूद आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई, जिससे पीड़ित दंपती ने न्याय के लिए उज्जैन कलेक्टर से गुहार लगाई। दंपती ने आरोप लगाया कि आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं और उन पर राजीनामा का दबाव बना रहे हैं। यह विवाद पांच बीघा पैतृक जमीन के बंटवारे को लेकर है, जिसमें उनके देवर और अन्य रिश्तेदार उन्हें खेती करने से रोक रहे हैं। पीड़ितों ने अपनी जान को खतरा बताते हुए परिवार की सुरक्षा और सख्त कार्रवाई की मांग की है।
ग्वालियर जिले के डबरा-भितरवार क्षेत्र में डेढ़ बीघा जमीन विवाद में अधिवक्ता रतन सिंह यादव की गोली मारकर हत्या कर दी गई। मंगलवार दोपहर विवादित जमीन पर कहासुनी बढ़ने के बाद चचेरे भाई समेत अन्य रिश्तेदारों ने उन पर फायरिंग कर दी। गंभीर रूप से घायल यादव को ग्वालियर रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। परिजनों ने राकेश यादव, राहुल यादव और गब्बर सिंह रावत पर हत्या का आरोप लगाया है, जो फरार हैं। भितरवार अभिभाषक संघ ने आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और दबिशें दे रही है।
कर्नाटक सरकार ने ‘द आर्ट ऑफ लिविंग’ संस्था के खिलाफ सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे के आरोपों की जांच के लिए एसआईटी गठित की है। यह मामला बेंगलुरु के कागलीपुरा गांव से संबंधित है, जहां 290 एकड़ से अधिक गोमाला भूमि पर कब्जे का आरोप है। संस्था को 1985 में लीज पर मिली 41 एकड़ जमीन की अवधि 2015 में समाप्त हो चुकी है, फिर भी कब्जा बरकरार है। आर्ट ऑफ लिविंग ने आरोपों को बेबुनियाद बताया है और जांच का स्वागत किया है।