मध्य प्रदेश में नौ साल बाद छात्रसंघ चुनाव का रास्ता साफ हो गया है। उच्च न्यायालय की सख्ती के बाद राज्य सरकार ने सितंबर 2026 में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए चुनाव कराने का आश्वासन दिया है। विभिन्न राजनीतिक दल इस फैसले का स्वागत कर रहे हैं, कांग्रेस इसे अपने आंदोलन का परिणाम बता रही है, जबकि एबीवीपी ने लोकतांत्रिक अधिकारों की पुनर्स्थापना के रूप में देखा है। कांग्रेस प्रवक्ता विवेक त्रिपाठी ने 2016-17 के ‘गेट वेल सून’ आंदोलन का जिक्र किया, जिसके दौरान छात्र नेताओं को जेल भी जाना पड़ा था। छात्र राजनीति से मुख्यमंत्री मोहन यादव सहित कई बड़े नेता उभरे हैं।