जबलपुर हाईकोर्ट के आदेश के बाद सितंबर में सरकारी और निजी कॉलेजों में छात्रसंघ चुनाव कराए जाएंगे, जिससे करीब 12 साल बाद चुनावी माहौल लौटेगा। प्रदेश में आखिरी चुनाव 2016-17 में हुए थे। हालांकि, राज्य सरकार की ओर से अभी औपचारिक निर्देशों का इंतजार है, फिर भी छात्र संगठनों ने तैयारियां तेज कर दी हैं। एबीवीपी और एनएसयूआई नए विद्यार्थियों से संपर्क कर रहे हैं, जबकि करणी सेना और जयस की छात्र विंग जैसे नए संगठनों के भी मैदान में उतरने की संभावना है। डीएवीवी के कुलगुरु डॉ. राकेश सिंघई ने विश्वविद्यालय की तैयारियों की पुष्टि की है।