देवास जिले के नेमावर में नर्मदा नदी का जलस्तर लगातार वर्षा के कारण बढ़ रहा है। वर्तमान में जलस्तर 875 फीट है, जो खतरे के निशान 885 फीट से लगभग 10 फीट नीचे है। इस स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने हरियाली अमावस्या पर बुधवार को नर्मदा के घाटों पर स्नान प्रतिबंधित कर दिया है। खातेगांव के एसडीएम राजेंद्र पंवार ने नेमावर, खातेगांव और हरणगांव क्षेत्र के सभी तटों पर स्नान पर रोक लगाने के आदेश जारी किए हैं। निचली बस्तियों में सतर्कता के निर्देश दिए गए हैं, हालांकि अभी बाढ़ जैसी स्थिति नहीं है।
देवास के नेमावर में नर्मदा नदी का जलस्तर कैचमेंट क्षेत्र में लगातार वर्षा के कारण बढ़ गया है। वर्तमान में यह खतरे के निशान 885 फीट से लगभग 10 फीट नीचे 875 फीट पर है। प्रशासन ने अप्रिय घटना रोकने के लिए हरियाली अमावस्या पर नर्मदा के घाटों पर स्नान प्रतिबंधित कर दिया है। खातेगांव के एसडीएम राजेंद्र पंवार ने नेमावर सहित खातेगांव और हरणगांव क्षेत्र के सभी तटों पर स्नान पर रोक के आदेश जारी किए हैं। निचले इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति नहीं है, पर सतर्कता की सलाह दी जा रही है। नागर और सिद्धनाथ घाट आधे से अधिक डूब चुके हैं, जबकि श्रद्धालु अमावस्या स्नान के लिए पहुँच चुके हैं।
मध्य प्रदेश में मानसून की कमजोर रफ्तार के कारण बारिश सामान्य से 20 प्रतिशत कम दर्ज की गई है, जिससे प्रदेश के 49 जिलों में सामान्य से नीचे आंकड़ा बना हुआ है। अब तक औसतन 16.8 इंच बारिश हुई है, जबकि 21 इंच होनी चाहिए थी। शनिवार को पन्ना, सतना और रीवा में तेज बारिश का अलर्ट है, जबकि शेष प्रदेश में हल्की बारिश की संभावना है। पूर्वी मध्य प्रदेश में विशेष रूप से 23 प्रतिशत तक की कमी देखी गई है। जून और जुलाई दोनों में मानसून का प्रदर्शन कमजोर रहा है।
जबलपुर में नर्मदा नदी का जलस्तर बढ़ने के बावजूद लोग जान जोखिम में डालकर रील और सेल्फी बना रहे हैं। तिलवाराघाट के पुराने छोटे पुल पर अवरोधों के बावजूद युवा पहुंच रहे हैं। हाल ही में दो युवकों की जान जा चुकी है, जिसमें रांझी निवासी शशांक उर्फ संदेश कोल की तिलवारा घाट पर डूबने से मौत शामिल है। इस स्थिति ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाने का दावा कर रही है, वहीं अधिकारी लोगों से सावधानी बरतने और प्रतिबंधित क्षेत्रों से दूर रहने की अपील कर रहे हैं।
पुलिस ने भोपाल के बड़े तालाब स्थित मध्य प्रदेश पर्यटन विकास निगम के विंड्स एंड वेव्स परिसर में आयोजित एक डीजे पार्टी को शनिवार रात 8 बजे बंद करा दिया। पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने रामसर साइट और वन विहार के पास तेज ध्वनि वाले आयोजनों पर आपत्ति जताते हुए प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की थी। कार्यकर्ता राशिद नूर खान ने कलेक्टर सहित संबंधित विभागों को शिकायत भेजकर प्रवासी पक्षियों, वन्यजीवों और जैव विविधता पर प्रतिकूल प्रभाव की आशंका जताई थी। पुलिस ने ध्वनि प्रदूषण नियमों और निर्धारित समय सीमा के उल्लंघन के चलते कार्रवाई की।
सीहोर जिले में अगस्त का पहला सप्ताह शुरू होने के बावजूद मानसून उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहा है। 3 अगस्त तक जिले में औसतन 20.03 इंच (508.7 मिमी) बारिश दर्ज की गई है, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि से 5.41 इंच (138.4 मिमी) कम है। इस स्थिति का सीधा असर जिले की जल संरचनाओं पर पड़ा है, जहां 66 प्रमुख तालाबों में से 27 अभी भी पूरी तरह सूखे हैं और शेष भी अपनी क्षमता से काफी कम भरे हैं। विशेषज्ञों ने आगामी दिनों में अच्छी बारिश न होने पर पेयजल और सिंचाई संकट गहराने की चेतावनी दी है।
मध्य प्रदेश में मूसलाधार बारिश के चलते बांध, तालाब और झरने सैलानियों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गए हैं। जलस्तर बढ़ने से होने वाले संभावित हादसों को रोकने के लिए प्रशासन ने कड़े कदम उठाए हैं। राज्य सरकार ने सभी जिला प्रशासनों और नगर पालिकाओं को घाटों, बांधों और वॉटरफॉल्स के आसपास पर्याप्त बैरिकेडिंग, चेतावनी बोर्ड और पुलिस बल तैनात करने के सख्त निर्देश दिए हैं। सीवर चैंबरों का सर्वे और मरम्मत के भी आदेश दिए गए हैं। साथ ही, नदियों, झरनों और बांधों के पास जान जोखिम में डालकर रील या सेल्फी लेने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी और नावों के संचालन पर प्रतिबंध लगाया गया है।
भोपाल में मानसून के कुल 42 इंच औसत कोटा में से लगभग 21 इंच बारिश दर्ज की जा चुकी है, जिससे सीजन का आधा कोटा पूरा हो गया है। भोपाल जिले में सामान्य से 1.8 इंच अधिक बारिश हुई है। प्रदेश में तीन मौसमी सिस्टम सक्रिय हैं, जिनके प्रभाव से रविवार से पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी बारिश की संभावना है। हालांकि, पूरे प्रदेश में अब तक सामान्य से 13% कम बारिश हुई है।
भोपाल समेत प्रदेश के 41 जिलों में वर्षा दर्ज की गई है, जिसमें कई हिस्सों में तेज बारिश हुई। पिछले 48 घंटों में भोपाल में लगभग 3 इंच बारिश हुई, जिससे गर्मी से राहत मिली। जुलाई का सामान्य वर्षा कोटा अभी 5.21 इंच दूर है। मानसूनी ट्रफ सक्रिय होने के कारण अगले 24-48 घंटों में कई हिस्सों में भारी बारिश की संभावना है। गुना के मकसूदनगढ़ में सर्वाधिक 6.85 इंच बारिश हुई। मौसम विभाग ने 50 जिलों के लिए येलो अलर्ट और धार, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
मध्य प्रदेश में मानसून पूरे रंग में है, जहां तीन सक्रिय मौसम प्रणालियों के कारण पिछले 60 घंटे से रुक-रुककर तेज बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने गुरुवार को 17 जिलों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है, जिनमें आलीराजपुर, धार, बड़वानी और खरगोन में ऑरेंज अलर्ट शामिल है। लगातार बारिश से राज्य में वर्षा की कमी 17 प्रतिशत से घटकर 11 प्रतिशत रह गई है, हालांकि 41 जिलों में अभी भी सामान्य से कम वर्षा दर्ज हुई है। देवास में सर्वाधिक 18.5 इंच और आलीराजपुर में सबसे कम ढाई इंच बारिश हुई है। जुलाई के शेष दिनों में मजबूत मौसम प्रणालियों से घाटा पूरा होने की उम्मीद है।