सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को तमिलनाडु सरकार की कावेरी जल विवाद से संबंधित याचिका पर 13 अगस्त को सुनवाई करने पर सहमति जताई, जिसमें कर्नाटक से पानी छोड़ने की मांग की गई है। इसके अतिरिक्त, अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे के कथित गबन की जांच संबंधी याचिकाओं पर सुनवाई सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता की अनुपलब्धता के कारण टालने के अनुरोध को भी कोर्ट ने स्वीकार किया। वहीं, सुप्रीम कोर्ट ने शिवसेना (यूबीटी) की उस याचिका पर सुनवाई दो हफ्ते के लिए स्थगित कर दी, जिसमें उसके छह सांसदों के महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में विलय को लोकसभा अध्यक्ष की मंजूरी को चुनौती दी गई है।
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के आधिकारिक आवास पर तमिलनाडु के साथ कावेरी जल विवाद पर एक सर्वदलीय बैठक हुई। मुख्यमंत्री शिवकुमार ने राज्य के लोगों और किसानों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्धता जताई और सूखे जैसी स्थिति का हवाला दिया। उन्होंने बताया कि कावेरी जल विनियमन समिति (सीडब्ल्यूआरसी) और कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण (सीडब्ल्यूएमए) ने 3,500 क्यूसेक पानी छोड़ने का निर्देश दिया है। सभी दलों ने सरकार के बांध सुरक्षा के लिए पानी छोड़ने के फैसले का समर्थन किया। मुख्यमंत्री ने कन्नड़ संगठनों से बंद न करने की अपील की।