दतिया विधानसभा चुनाव में जातीय समीकरण और उम्मीदवारों के व्यक्तिगत संपर्क महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। भाजपा ब्राह्मण-सवर्ण-वैश्य और ओबीसी वोटों को एकजुट करने पर केंद्रित है, जबकि कांग्रेस जाटव-अहिरवार और अल्पसंख्यक वोटों पर भरोसा कर रही है। कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह का व्यक्तिगत संपर्क भाजपा के लिए चुनौती है, वहीं आशुतोष तिवारी की जातीय पृष्ठभूमि और सत्ता-संगठन की ताकत भाजपा के पक्ष में काम कर सकती है। 30 जुलाई को मतदान के बाद ही स्पष्ट होगा कि मतदाताओं ने किस कारक को अधिक महत्व दिया।