कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सलमान खुर्शीद ने बाबरी मस्जिद विध्वंस के समय तत्कालीन सरकार द्वारा अपनाए गए रणनीतिक संयम को बाद में संभवतः एक गलती बताया है। उन्होंने कहा कि सत्ता में लिए गए कई फैसले उस समय सही लगते हैं, लेकिन पीछे मुड़कर देखने पर उनमें सुधार की गुंजाइश दिखती है। खुर्शीद ने वकील जावेद गाया की पुस्तक ‘हार्टलैंड राइजिंग’ के लोकार्पण पर बोलते हुए यह टिप्पणी की। उन्होंने विभाजन और उत्तर प्रदेश की राजनीति का भी जिक्र किया। शिक्षाविद अपूर्वानंद ने भी आजादी के बाद की राजनीति और वैचारिक समझौतों पर सवाल उठाए, जिस पर खुर्शीद ने राष्ट्रीय चरित्र से जुड़ा सवाल बताया।