भोपाल जिला अदालत में 46 जजों के पद खाली होने के कारण न्याय की गति धीमी पड़ गई है, जिससे लगभग 1.50 लाख मामले लंबित हैं। स्वीकृत 112 पदों में से केवल 66 जज ही कार्यरत हैं, जिसके चलते प्रत्येक अदालत पर 4 से 6 हजार मामलों का बोझ है। 20% से अधिक मामले 5 से 10 साल पुराने हैं। नए जजों के लिए पर्याप्त कोर्टरूम नहीं हैं; 10 कोर्टरूम को विधिक सेवा प्राधिकरण भवन में स्थानांतरित करना पड़ा है, जहाँ बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। पुरानी जेल की जमीन पर प्रस्तावित नई मल्टी-स्टोरी अदालत भवन परियोजना भी हाउसिंग बोर्ड के प्रस्ताव और जेल विभाग की कैदी शिफ्टिंग के कारण अटकी हुई है।