इंदौर जिला कोर्ट ने सड़क हादसे में आंख गंवाने वाले 30 वर्षीय संदीप को 14 लाख रुपये क्षतिपूर्ति देने का आदेश दिया है। कोर्ट ने माना कि जीवन के लिए दोनों आंखें महत्वपूर्ण हैं, और जिम्मेदार पक्ष अपने दायित्व से बच नहीं सकता। 20 मई 2023 को हुए हादसे में संदीप की बाईं आंख की रोशनी चली गई थी। इसके अतिरिक्त, इंदौर जिला कोर्ट में 5 अगस्त 2026 को अभिभाषकों के लिए एक नि:शुल्क नेत्र शिविर आयोजित किया जा रहा है, जिसमें आंखों की जांच और मोतियाबिंद के ऑपरेशन किए जाएंगे। इंदौर को एक स्थाई फास्ट-ट्रैक कोर्ट भी मिलने वाला है, जिससे शिक्षा-रोजगार मामलों में त्वरित न्याय मिलेगा।
इंदौर जिला कोर्ट में एक आठवीं पास युवक धर्मेंद्र राठौर को फर्जी वकील के रूप में पकड़ा गया है। वह वकील की वेशभूषा में अदालतों में उपस्थित हो रहा था। वकीलों को संदेह होने पर उसे अभिभाषक संघ कार्यालय लाया गया और पूछताछ के बाद एमजी रोड पुलिस के हवाले कर दिया गया। राठौर ने खुद को हाई कोर्ट के एक शासकीय अधिवक्ता का जूनियर बताया। इंदौर अभिभाषक संघ ने हाल ही में जिला न्यायालय में नकली वकीलों के खिलाफ अभियान शुरू किया था, क्योंकि उन्हें ऐसी लगातार शिकायतें मिल रही थीं। राठौर ने सोशल मीडिया पर भी वकील की वेशभूषा में तस्वीरें पोस्ट की थीं।