ग्वालियर में विद्या विहार कॉलोनी के 60 से अधिक सर्वे नंबरों पर रजिस्ट्री और निर्माण कार्य पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। यह कार्रवाई उच्च न्यायालय के स्थगन आदेश के बावजूद गुपचुप रजिस्ट्री और अवैध निर्माण की शिकायतों के बाद की गई है। झाँसी रोड एसडीएम अतुल सिंह ने जिला पंजीयक, पंजीयन विभाग और नगर निगम को पत्र जारी कर उच्च न्यायालय के आदेश का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए हैं। यह मामला मध्य प्रदेश शासन बनाम नारायणी देवी व अन्य से संबंधित है, जिसमें उच्च न्यायालय ने 15 मार्च 2019 को शासन के पक्ष में स्थगन आदेश जारी किया था।
ग्वालियर में तिघरा जलाशय और मेहराब साहब की तलैया में डूबे दो युवकों के शव शनिवार को बरामद किए गए। एसडीआरएफ, जिला प्रशासन और पुलिस की टीमों ने इन घटनाओं के बाद लगातार सर्च अभियान चलाया। तिघरा जलाशय में सात अगस्त को डूबे हाफिज शरद खान का शव 19 घंटे बाद मिला, जबकि मेहराब साहब की तलैया में छह अगस्त को डूबे 24 वर्षीय पंकज सूर्यवंशी का शव तीन दिन बाद शनिवार सुबह बरामद हुआ। पोस्टमार्टम के उपरांत शव स्वजन को सौंप दिए गए। जिला प्रशासन ने मृतकों के परिवारों को आरबीसी छह-चार के तहत आर्थिक सहायता दिलाने की प्रक्रिया शुरू की है और नागरिकों से जलस्रोतों में सावधानी बरतने की अपील की है।
भोपाल जिला प्रशासन ने एजी-8 वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड के अधिकृत हस्ताक्षरी हेमंत सोनी और पार्टनर राजीव सोनी के खिलाफ सिविल जेल भेजने के लिए गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। निवेशकों से राशि लेने के बाद रेरा के आदेशों का पालन न करने और करीब सात से आठ करोड़ रुपये बकाया होने पर यह कार्रवाई की गई। पूर्व में वसूली वारंट, संपत्ति कुर्की और नीलामी के प्रयास विफल रहे थे। राजीव सोनी के खिलाफ तीन बार वारंट जारी हो चुके हैं, लेकिन पुलिस उन्हें गिरफ्तार नहीं कर सकी। इस मामले में उच्च न्यायालय जबलपुर में अवमानना प्रकरण भी विचाराधीन है।
भोपाल में मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान-2026 के तहत लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई की तैयारी है। पंचशील नगर में शुक्रवार को आयोजित विशेष शिविर में जनता की लंबित शिकायतों का शत-प्रतिशत निराकरण किया जाएगा। जिला प्रशासन ने सभी विभागों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वर्षों से लंबित प्रकरणों को प्राथमिकता पर हल किया जाए। शिविर में सीएम हेल्पलाइन, जनसुनवाई और लोक सेवा गारंटी अधिनियम के मामलों के साथ-साथ राजस्व, स्वास्थ्य, शिक्षा जैसी विभिन्न विभागों की सेवाओं की भी समीक्षा की जाएगी, जिसमें नामांतरण और आयुष्मान कार्ड जैसे विषय शामिल हैं।
मध्य प्रदेश के मैहर जिले से एक चिंताजनक तस्वीर सामने आई है, जहां ग्राम पंचायत सोनवारी के मोदीनगर और आदिवासी बस्ती के स्कूली बच्चे उफनते नाले को पार कर जान जोखिम में डालकर स्कूल जाते हैं। ग्रामीणों को बुनियादी सुविधाओं का अभाव है और बारिश में नाला पार करना उनकी मजबूरी है। सरपंच कृष्णाबाई उमाकांत उपाध्याय ने 2024 और 2025 में जिला प्रशासन को मांग पत्र सौंपे, जबकि ग्रामीणों ने चार साल से ग्राम पंचायत, जिला प्रशासन और सीमेंट कंपनी के सीएसआर विभाग को रपटा व सड़क निर्माण के लिए कई ज्ञापन दिए हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। मैहर कलेक्टर बिदिशा मुखर्जी से संपर्क नहीं हो सका।
जबलपुर में रेत के अवैध परिवहन और विवादों के कारण उत्पन्न नए संकट के बीच, जिला प्रशासन ने हाल ही में हुई एक हत्या के बाद निगरानी कड़ी कर दी है। इससे 400 से अधिक हाइवा रेत जब्त की गई है, जो अब शहपुरा और पाटन में रखी है। इसकी सुरक्षा और बिक्री एक चुनौती बन गई है, क्योंकि चोरी की खबरें भी आ रही हैं। खनिज विभाग जब्त रेत को वैध ठेकेदारों को बेचने की कोशिश कर रहा है और इसके लिए मंडला के एक ठेकेदार से संपर्क किया गया है, हालांकि अभी तक उनकी प्रतिक्रिया नहीं मिली है। जिले में रेत ठेके भी कई बार असफल रहे हैं, जिससे अवैध उत्खनन बढ़ रहा है और ठेकेदार डर के मारे पीछे हट रहे हैं।
ग्वालियर जिले में ‘मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान’ का शुभारंभ हुआ, जिसमें जिला स्तर से 60 अधिकारियों ने घाटीगांव विकासखंड के विभिन्न गांवों में 114 सरकारी संस्थाओं का निरीक्षण किया। शिविर में लगभग 150 समस्याएँ दर्ज की गईं, जिनमें से अधिकांश का मौके पर ही निराकरण किया गया। मेडिकल बोर्ड द्वारा दिव्यांग प्रमाण-पत्र बनाए गए, और विभिन्न योजनाओं के तहत हितलाभ वितरित किए गए। पुलिस ने सीएम हेल्पलाईन की 47 शिकायतों का निराकरण किया। सीईओ ने विद्यालयों का निरीक्षण किया और सहरिया परिवारों की बकरियों की मांग पर सुविधाएँ उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।
मध्य प्रदेश सरकार ने इस वर्ष कम बारिश की आशंका के मद्देनजर तैयारियां शुरू कर दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक माह पूर्व सभी जिलों को जल स्रोतों का आकलन करने और डैशबोर्ड तैयार करने के निर्देश दिए थे। एक माह बीतने के बाद भी 55 में से केवल 31 जिले ही पानी की उपलब्धता का आकलन कर पाए हैं, जबकि 24 जिलों में यह प्रक्रिया अभी जारी है। किसी भी जिले ने अभी तक डैशबोर्ड तैयार नहीं किया है, जिससे पानी की स्थिति स्पष्ट होनी थी। रिपोर्ट 15 अगस्त तक आने की उम्मीद है।
भोपाल कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने प्रशासनिक व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए कलेक्ट्रेट स्तर पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों में फेरबदल किया है। डिप्टी कलेक्टर निधि चौकसे को एमपी नगर वृत्त का एसडीएम नियुक्त किया गया है, यह पद संयुक्त कलेक्टर एलके खरे के अपर कलेक्टर बनने से रिक्त था। डिप्टी कलेक्टर दीपक पांडेय को उप जिला निर्वाचन अधिकारी का अतिरिक्त प्रभार मिला है। संयुक्त कलेक्टर रवीश कुमार श्रीवास्तव को भू-संसाधन प्रबंधन सहित कई अहम शाखाएं दी गई हैं, जबकि डिप्टी कलेक्टर लाखन चौधरी सीएम हेल्पलाइन और शिकायत शाखा का प्रभार संभालेंगे।
दतिया विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह की जीत के बाद आयोजित धन्यवाद सभा में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने जिला प्रशासन पर तीखा हमला किया। उन्होंने पुलिस अधीक्षक और कलेक्टर पर सत्तारूढ़ दल को लाभ पहुंचाने का आरोप लगाते हुए कहा कि अधिकारी जनता से बड़े नहीं हो सकते। पटवारी ने प्रशासन पर उपचुनाव के दौरान निष्पक्षता न बरतने का आरोप लगाया, हालांकि उन्होंने इसके समर्थन में कोई ठोस उदाहरण नहीं दिया। नवनिर्वाचित विधायक घनश्याम सिंह ने संयमित स्वर में राजनीति को काजल की कोठरी बताया, जबकि नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भाजपा सरकार को निशाना बनाया।