मध्य प्रदेश टैक्स कंसल्टेंट्स एसोसिएशन (एमपीटीसीए) इंदौर ज़ोन ने एक सेमिनार का आयोजन किया, जिसमें नई टैक्स ऑडिट व्यवस्था की बारीकियां समझाई गईं। विशेषज्ञों ने कर पेशेवरों को ऑडिट रिपोर्ट फाइनल करने से पहले सभी आंकड़ों के बारीकी से मिलान की सलाह दी। सेमिनार में टैक्स ऑडिट रिपोर्ट में देरी पर 1.50 लाख रुपये तक की पेनाल्टी के प्रावधान को अव्यवहारिक बताया गया। मुख्य वक्ता सीए पलक पावागढ़ी और सीए सुमित नेमा ने रिपोर्टिंग की बारीकियों और पेनाल्टी के कानूनी पहलुओं पर विस्तृत मार्गदर्शन दिया, जिसमें प्रतिभागियों के सवालों का भी समाधान किया गया।
भारत सरकार ने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) के कर्मियों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए कई कदम उठाए हैं। इन पहलों में आर्थिक सहायता, शिक्षा, आवास, स्वास्थ्य और पुनर्वास संबंधी व्यवस्थाएं शामिल हैं। सीएपीएफ कर्मियों को केंद्रीय पुलिस कल्याण भंडार के सामान पर 50% जीएसटी छूट मिलती है। साथ ही, कर्मी के परिजनों को 25 लाख रुपये से 35 लाख रुपये तक की अनुग्रह राशि और एमबीबीएस में 26 सीटें आरक्षित की गई हैं। यह जानकारी गृह मंत्रालय में राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में दी।
मध्य प्रदेश विधानसभा में बुधवार को आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक-2026 सहित छह महत्वपूर्ण विधेयक पारित किए गए। इन विधेयकों का उद्देश्य प्रदेश में स्वास्थ्य शिक्षा, उच्च शिक्षा, पंचायत व्यवस्था, कर प्रणाली और कानून-व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाना है। आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक के तहत कुलपति और प्रतिकुलपति के स्थान पर कुलगुरु और प्रति कुलगुरु पदनाम होंगे, साथ ही कुलगुरु चयन प्रक्रिया में बदलाव किया गया है। निजी विश्वविद्यालय खोलने के लिए भूमि और एंडोमेंट फंड की अनिवार्यता समाप्त करने का प्रस्ताव भी पारित हुआ।
मध्य प्रदेश विधानसभा सत्र के दौरान उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने जीएसटी संशोधनों की जानकारी दी, जिनसे छोटे व्यापारियों को सुविधा मिलेगी और रिफंड प्रक्रिया तेज होकर 7 दिन में पूरी होगी। कैलाश विजयवर्गीय पर युवाओं को ‘कीड़ा’ कहने के आरोप पर सदन में हंगामा हुआ, जिस पर विधानसभा अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि विजयवर्गीय के मुंह से यह शब्द नहीं निकला। स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला ने 13 जिलों में पीपीपी मोड पर मेडिकल कॉलेज लाने और एमबीबीएस सीटें बढ़ाने की बात कही।
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने इंदौर में जीएसटी ट्रिब्यूनल न होने पर केंद्र और राज्य शासन को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने सरकार से छह सप्ताह में जवाब मांगा है। यह नोटिस मप्र टैक्स कंसल्टेंट्स एसोसिएशन की जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान जारी किया गया, जिसमें कहा गया कि 2019 में जीएसटी काउंसिल की बैठक में इंदौर में राज्यपीठ स्थापित करने का निर्णय लिया गया था। याचिका में इंदौर में ट्रिब्यूनल न स्थापित करने को मनमाना निर्णय और संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन बताया गया है।