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इंदौर में जैन संत का निधन, सार्वजनिक उद्यान में अंतिम संस्कार

इंदौर में चातुर्मास के लिए रुके एक 80 वर्षीय जैन संत का बुधवार रात निधन हो गया। उनके अनुयायियों ने मुक्तिधाम के बजाय केसरबाग स्थित विद्यासागर उद्यान में ही उनका अंतिम संस्कार किया। इस निर्णय से कॉलोनी के अन्य परिवारों में नाराजगी है, क्योंकि यह उद्यान महिलाओं, बच्चों और सुबह टहलने वालों द्वारा नियमित रूप से उपयोग किया जाता है। संत लगभग पंद्रह दिन पहले ही चातुर्मास के लिए केसरबाग आए थे और उनकी तबीयत खराब चल रही थी।

मुरैना के बड़े जैन मंदिर से भगवान सुब्रतनाथ का डेढ़ किलो चांदी का छत्र चोरी

मुरैना के मुख्य बाजार स्थित बड़े जैन मंदिर से भगवान सुब्रतनाथ का डेढ़ किलो चांदी का छत्र चोरी हो गया। सोमवार रात 7:40 बजे एक नकाबपोश चोर श्रद्धालुओं की कतार में मंदिर में घुसा। उसने 12 मिनट के भीतर ढाई फीट ऊंचे मंदिर पर चढ़कर चांदी का छत्र चुराया और रात 7:52 बजे थैले में रखकर फरार हो गया। चोरी की यह पूरी घटना मंदिर के सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई। मंगलवार सुबह पुजारी द्वारा पूजा के दौरान चोरी का पता चला। मंदिर प्रबंधन ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई है और पुलिस चोर की पहचान में जुटी है। छत्र का बाजार मूल्य तीन लाख रुपये से अधिक है।

धर्म पर टैक्स राष्ट्र के पतन की शुरुआत: राष्ट्रसंत मुनि सुधासागर

राष्ट्रसंत मुनि पुंगव सुधासागर महाराज ने इंदौर में कहा कि जिस दिन धर्म और धर्मात्माओं पर टैक्स लगेगा, उसी दिन से राष्ट्र का पतन शुरू हो जाएगा। उन्होंने धर्म और धर्मात्माओं पर पाबंदी न होने पर राष्ट्र व समाज में हरियाली बढ़ने की बात कही। यह विचार दलाल बाग में सकल दिगंबर जैन धर्म प्रभावना समिति की चातुर्मास धर्मसभा में व्यक्त किए गए। इसके अतिरिक्त, धार रोड पर नरसिंगपुरा मानभद्र भक्त मंडल द्वारा श्री मानभद्र भक्ति महोत्सव मनाया गया, जिसमें आचार्य कुमुदनंद और आचार्य विप्रणत सागर का सान्निध्य प्राप्त हुआ तथा लगभग 10 हजार श्रद्धालुओं को भोजन कराया गया।

नरसिंहपुर के प्राचीन जैन मंदिर से 18 अष्टधातु प्रतिमाएं चोरी

नरसिंहपुर जिले के करेली थाना क्षेत्र स्थित सगौरिया ग्राम के प्राचीन जैन मंदिर से मंगलवार-बुधवार की रात अज्ञात चोरों ने ताला काटकर लगभग 18 अष्टधातु की प्रतिमाएं चोरी कर लीं। इन प्रतिमाओं में भगवान महावीर स्वामी सहित अन्य जैन तीर्थंकरों की मूर्तियां शामिल हैं। घटना की सूचना मिलते ही करेली पुलिस मौके पर पहुंची और डॉग स्क्वॉड तथा फिंगरप्रिंट विशेषज्ञों की मदद से साक्ष्य एकत्र किए। पुलिस ने आरोपियों की पहचान और प्रतिमाओं की बरामदगी के लिए अलग-अलग टीमें गठित की हैं। इस घटना के बाद जैन समाज में गहरा आक्रोश व्याप्त है।