उज्जैन में निर्मोही अखाड़े के महामंडलेश्वर ज्ञानदास पर एक युवती द्वारा दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग के आरोप लगाए जाने के बाद साधु समाज ने उनका बहिष्कार कर दिया है। महाकाल पुलिस ने युवती की शिकायत पर महामंडलेश्वर के खिलाफ मामला दर्ज किया है। साधु समाज ने उनके आश्रमों और मठों में प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया है तथा निर्मोही अखाड़े से उन्हें हटाने की मांग की है। युवती ने आरोप लगाया है कि पिछले साल गुरु पूर्णिमा पर आश्रम में खीर में नशीला पदार्थ मिलाकर उनके साथ दुष्कर्म किया गया था। एफआईआर के बाद महामंडलेश्वर लापता बताए जा रहे हैं और उनका एक फोटो व मैरिज सर्टिफिकेट भी वायरल हो रहा है।
उज्जैन के दादू आश्रम के महामंडलेश्वर ज्ञानदास पर एक महिला ने दुष्कर्म, मारपीट और ब्लैकमेलिंग के गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसकी शिकायत उसने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में की है। दूसरी ओर, ज्ञानदास ने इन आरोपों को निराधार बताया है और कहा है कि महिला उन्हें हनी ट्रैप और ब्लैकमेलिंग के जरिए फंसाना चाहती थी। उन्होंने 17 जुलाई को ही महिला और उसके भाई के खिलाफ झूठे आरोपों और छवि खराब करने का प्रयास करने की शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस दोनों पक्षों के आवेदनों की निष्पक्ष जांच कर रही है।