खंडवा में डिजिटल अरेस्ट के नाम पर साइबर अपराधियों ने श्रवण कुमार नामक व्यक्ति से 3 लाख 4 हजार 999 रुपये की ठगी की। आरोपितों ने खुद को पुलिस अधिकारी बताकर उन्हें गंभीर मामलों में फंसाने का डर दिखाया और लगभग 15 दिन तक मानसिक दबाव में रखा। ठगी के बाद अपराधियों ने पीड़ित को स्वयं ही थाने भेज दिया, जहां उन्हें पता चला कि उनके खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच की और झाबुआ निवासी आकाश उर्फ हावसिंह भूरिया को गिरफ्तार किया। इस ठगी में दो अन्य आरोपित भी शामिल हैं, जिनकी तलाश जारी है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने झाबुआ में आदिवासी क्षेत्रों में धर्म परिवर्तन कराने की कोशिश करने वाले संगठनों को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को जेल भेजा जाएगा और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि धार-झाबुआ में किसी भी मिशनरी को लोगों का धर्म परिवर्तन करने की इजाजत नहीं है। ‘मध्य प्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम, 2021’ के तहत 10 साल तक की जेल और एक लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। कार्यक्रम में उन्होंने महिलाओं को 300 करोड़ रुपये के ऋण बांटे और 174 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की आधारशिला रखी।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने झाबुआ जिले के थांदला में जनजातीय समाज के प्रति अपने आत्मीय जुड़ाव का प्रदर्शन किया। प्रदेश स्तरीय स्व-सहायता समूहों के कार्यक्रम में शामिल होने के बाद, वे बसंत सिंह बामनिया के जनजातीय परिवार के घर पहुंचे। मुख्यमंत्री ने गोदड़ी पर बैठकर पत्तल में पारंपरिक भोजन किया और उड़द की दाल व पानिया जैसे स्थानीय व्यंजनों की सराहना की। इस दौरान जनजातीय बहनों ने उन्हें राखी बांधी। मुख्यमंत्री ने बच्चों से भी बात की और परिवार से आजीविका व परंपराओं पर चर्चा की।
लोकायुक्त पुलिस इंदौर की टीम ने झाबुआ जिले के ंगी उप-तहसील कार्यालय में हल्का पटवारी संजय अमलियार को 2,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। पटवारी ने फार्मर आईडी पर जमीन का सर्वे नंबर दर्ज कराने के एवज में यह राशि मांगी थी। आवेदक पुनिया भूरिया की शिकायत पर लोकायुक्त ने जांच के बाद 30 जुलाई 2026 को यह कार्रवाई की। आरोपित के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।
गुजरात के वडोदरा में पकड़े गए एमडी ड्रग्स के एक बड़े मामले के तार मध्य प्रदेश के झाबुआ जिले से जुड़ गए हैं। गुजरात पुलिस ने झाबुआ के थांदला में कार्रवाई करते हुए एक कियोस्क संचालक विशाल प्रजापत को हिरासत में लिया है। पुलिस को विशाल के मोबाइल से अवैध कारोबार से जुड़े आपत्तिजनक वॉट्सएप चैट और ट्रांजैक्शन के सबूत मिले हैं। पूछताछ में आरोपी समीर पठान ने खुलासा किया था कि उसने यह ड्रग्स थांदला निवासी जुबेर अशरद पठान से लिया था और इसके एवज में विशाल के खाते में लगभग 80 हजार रुपये ट्रांसफर किए थे। मुख्य आरोपी जुबेर पठान अभी फरार है, जिसकी तलाश जारी है।